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गंगा घाटों, बीएचयू और सारनाथ का लिया जायजा0
Updated Wed, 21 Mar 2018 02:04 AM IST
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वाराणसी।
जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर के शहर आगमन के मद्देनजर मंगलवार को पुलिस और जर्मन सुरक्षा दल के अधिकारियों ने बाबतपुर एयरपोर्ट, दशाश्वमेध से अस्सी घाट, बीएचयू और सारनाथ का निरीक्षण किया। इस दौरान चारों स्थान पर एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (एएसएल) बैठक हुई। इसमें जर्मनी के राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था और आवागमन के रूट से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा हुई। बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात फोर्स की ब्रीफिंग और डमी फ्लीट का ग्रैंड रिहर्सल होगा। जर्मन अधिकारियों ने गंगा सेवा निधि के पदाधिकारियों से मुलाकात की और गंगा आरती देखी। इसके साथ ही आरती स्थल और श्रद्धालुओं के बैठने के स्थानों की फोटो ली। दूसरी ओर डीएम ने भी जर्मनी सरकार के दल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर मातहतों को दिशा-निर्देश दिए।
जर्मनी के राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था में 12 पुलिस अधीक्षक, 18 एएसपी, 30 सीओ, 210 दरोगा, एक हजार से अधिक कांस्टेबल और 10 कंपनी पीएसी व सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवान, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, एंटी माइंस डिटेक्शन यूनिट तैनात रहेगी। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल एनएसजी कमांडों और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड के जवानों की निगरानी में होगा। वहीं, गंगा में नौसेना के गोताखोर और जल पुलिस, पीएसी बाढ़ राहत दल व एनडीआरएफ के जवान तैनात रहेंगे। एयरपोर्ट व हेलीपैड वायुसेना की निगरानी में रहेंगे और थलसेना एलर्ट रहेगी। दूसरी ओर विश्वविद्यालय में जर्मन राष्ट्रपति के दौरे को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राष्ट्रपति यहां केंद्रीय कार्यालय स्थित कमेटी रूम में छात्रों से संवाद करेंगे। इसके अलावा विज्ञान संकाय के ऐसे शिक्षक जिन्हें जर्मन की हंबोर्ट फेलोशिप मिलती है, उनसे भी मिलेंगे।
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जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर के शहर आगमन के मद्देनजर मंगलवार को पुलिस और जर्मन सुरक्षा दल के अधिकारियों ने बाबतपुर एयरपोर्ट, दशाश्वमेध से अस्सी घाट, बीएचयू और सारनाथ का निरीक्षण किया। इस दौरान चारों स्थान पर एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (एएसएल) बैठक हुई। इसमें जर्मनी के राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था और आवागमन के रूट से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा हुई। बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात फोर्स की ब्रीफिंग और डमी फ्लीट का ग्रैंड रिहर्सल होगा। जर्मन अधिकारियों ने गंगा सेवा निधि के पदाधिकारियों से मुलाकात की और गंगा आरती देखी। इसके साथ ही आरती स्थल और श्रद्धालुओं के बैठने के स्थानों की फोटो ली। दूसरी ओर डीएम ने भी जर्मनी सरकार के दल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर मातहतों को दिशा-निर्देश दिए।
जर्मनी के राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था में 12 पुलिस अधीक्षक, 18 एएसपी, 30 सीओ, 210 दरोगा, एक हजार से अधिक कांस्टेबल और 10 कंपनी पीएसी व सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवान, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, एंटी माइंस डिटेक्शन यूनिट तैनात रहेगी। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल एनएसजी कमांडों और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड के जवानों की निगरानी में होगा। वहीं, गंगा में नौसेना के गोताखोर और जल पुलिस, पीएसी बाढ़ राहत दल व एनडीआरएफ के जवान तैनात रहेंगे। एयरपोर्ट व हेलीपैड वायुसेना की निगरानी में रहेंगे और थलसेना एलर्ट रहेगी। दूसरी ओर विश्वविद्यालय में जर्मन राष्ट्रपति के दौरे को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राष्ट्रपति यहां केंद्रीय कार्यालय स्थित कमेटी रूम में छात्रों से संवाद करेंगे। इसके अलावा विज्ञान संकाय के ऐसे शिक्षक जिन्हें जर्मन की हंबोर्ट फेलोशिप मिलती है, उनसे भी मिलेंगे।
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