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मारवाड़ी अस्पताल का दवा निर्माण विभाग, दवाखाना सीज
Updated Fri, 05 Jan 2018 02:13 AM IST
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वाराणसी। श्रीराम लक्ष्मीनारायण मारवाड़ी हिंदू अस्पताल में दूसरे दिन गुरुवार को जांच करने पहुंची आयुर्वेद विभाग की टीम ने दवा काउंटर और दवा निर्माण विभाग को सीज कर दिया। यहां बिना लाइसेंस के लंबे समय से दवा निर्माण और बिक्री की शिकायत पर शासन के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। इस दौरान जांच टीम के मांगे जाने पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से जांच से संबंधित कागजात भी नहीं दिखाए गए।
गोदौलिया स्थित अस्पताल में ओपीडी चलने के साथ ही मरीजों को भर्ती करने की सुविधा भी है। इसके अलावा अस्पताल के आयुर्वेद विभाग में लंबे समय से न केवल दवा का निर्माण किया जा रहा था बल्कि काउंटर से दवा बेची भी जा रही थी। कुछ दिन पूर्व बिना लाइसेंस के दवा निर्माण, बेचे जाने की शिकायत शासन से की गई थी। इस पर शासन के निर्देश पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. बद्री प्रसाद ने शिकायतों पर जांच शुरू की। बुधवार को डॉ. प्रसाद के नेतृत्व में पहुंची छह सदस्यीय टीम ने कुछ दवाओं का सैंपल लिया था, मांगे जाने पर कई कागजात नहीं मिल पाए थे। डॉ. प्रसाद ने बताया कि गुरुवार को भी दुबारा कागजातों की मांग की गई लेकिन लाइसेंस और कागजात न दिखाने के बाद दवा निर्माण विभाग और दवाखाना सीज कर दिया गया। इस बारे में अस्पताल प्रबंधन कमेटी के सचिव गौरीशंकर नेवर ने यह माना कि बिना लाइसेंस के विभाग चल रहा था। बताया कि प्रबंधन की ओर से अब लाइसेंस सहित अन्य कागजों के लिए आवेदन किया जाएगा।
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गोदौलिया स्थित अस्पताल में ओपीडी चलने के साथ ही मरीजों को भर्ती करने की सुविधा भी है। इसके अलावा अस्पताल के आयुर्वेद विभाग में लंबे समय से न केवल दवा का निर्माण किया जा रहा था बल्कि काउंटर से दवा बेची भी जा रही थी। कुछ दिन पूर्व बिना लाइसेंस के दवा निर्माण, बेचे जाने की शिकायत शासन से की गई थी। इस पर शासन के निर्देश पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. बद्री प्रसाद ने शिकायतों पर जांच शुरू की। बुधवार को डॉ. प्रसाद के नेतृत्व में पहुंची छह सदस्यीय टीम ने कुछ दवाओं का सैंपल लिया था, मांगे जाने पर कई कागजात नहीं मिल पाए थे। डॉ. प्रसाद ने बताया कि गुरुवार को भी दुबारा कागजातों की मांग की गई लेकिन लाइसेंस और कागजात न दिखाने के बाद दवा निर्माण विभाग और दवाखाना सीज कर दिया गया। इस बारे में अस्पताल प्रबंधन कमेटी के सचिव गौरीशंकर नेवर ने यह माना कि बिना लाइसेंस के विभाग चल रहा था। बताया कि प्रबंधन की ओर से अब लाइसेंस सहित अन्य कागजों के लिए आवेदन किया जाएगा।
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