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वरुणा में लगाई डुबकी महादेव का किया जलाभिषेक
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:46 AM IST
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सेवापुरी/वाराणसी। रामेश्वर महादेव में लगने वाले पौराणिक प्रसिद्ध लोटा-भंटा मेले में गुरुवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मनोवांछित फल की कामना के लिए श्रद्धालुओं ने वरुणा नदी में श्रद्धा की डुबकी लगा कर रामेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। इसके बाद मेलार्थियों ने उपली का अहरा लगा कर बाटी चोखा तैयार कर प्रसाद ग्रहण किया। महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों ने मेले में घूमकर झूला, चर्खी, सर्कस व सिनेमा का आनंद उठाया।
मेले में वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर सहित कई जिलों से आए श्रद्धालु एक-दो दिन पूर्व ही रिश्तेदारों के घरों के साथ ही धर्मशालाओं में शरण लिए थे। भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ वरुणा में स्नान करने के बाद रामेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान श्री राम ने अगहन सुदी छठ को वरुणा में स्नान करने के बाद लोटे में जल लेकर एक मुट्ठी बालू से शिवलिंग की स्थापना कर जलाभिषेक किया था। उसके बाद भगवान बाटी चोखा लगा कर शिव को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण किया था। रामेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पंडित अन्नू तिवारी ने बताया कि तभी से रामेश्वर का लोटा भंटा मेला प्रसिद्ध हो गया। रामेश्वर गांव निवासी रामराज पांडेय, रामजी तिवारी, राहुल तिवारी, राम गोपाल चौरसिया, अशोक सिंह, नंदलाल गुप्ता ने बताया कि पुत्ररत्न की कामना के लिए महिलाएं आज के दिन वरुणा में स्नान कर बाबा का जलाभिषेक करने के बाद बाटी चोखा का भोग लगा कर प्रसाद ग्रहण करती हैं।
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मेले में वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर सहित कई जिलों से आए श्रद्धालु एक-दो दिन पूर्व ही रिश्तेदारों के घरों के साथ ही धर्मशालाओं में शरण लिए थे। भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ वरुणा में स्नान करने के बाद रामेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान श्री राम ने अगहन सुदी छठ को वरुणा में स्नान करने के बाद लोटे में जल लेकर एक मुट्ठी बालू से शिवलिंग की स्थापना कर जलाभिषेक किया था। उसके बाद भगवान बाटी चोखा लगा कर शिव को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण किया था। रामेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पंडित अन्नू तिवारी ने बताया कि तभी से रामेश्वर का लोटा भंटा मेला प्रसिद्ध हो गया। रामेश्वर गांव निवासी रामराज पांडेय, रामजी तिवारी, राहुल तिवारी, राम गोपाल चौरसिया, अशोक सिंह, नंदलाल गुप्ता ने बताया कि पुत्ररत्न की कामना के लिए महिलाएं आज के दिन वरुणा में स्नान कर बाबा का जलाभिषेक करने के बाद बाटी चोखा का भोग लगा कर प्रसाद ग्रहण करती हैं।
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