{"_id":"5c8eb577bdec2213f32f70e2","slug":"181552856439-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"22 साल बाद भी नहीं मिली सीवर और सड़क की सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
22 साल बाद भी नहीं मिली सीवर और सड़क की सुविधा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। छित्तुपुर से सामने घाट जाने वाला मार्ग गड्ढों में बदल गया है। सड़क पर गंदा पानी बह रहा है। इसके साथ ही इस मार्ग पर बसी कॉलोनियों में रहने वाले लोग सीवर, सड़क, पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। इस समस्या को हल करने के लिए कई बार अधिकारियों को स्थानीय लोगों ने पत्र भी लिखा, लेकिन समस्या का हल नहीं निकल सका।
छित्तुपुर में 22 साल पहले तारा नगर के पास सत्यम नगर कॉलोनी बसी थी। उसके बाद भी सड़क सीवर, पेयजल लाइन अभी तक नहीं लग सका। छित्तुपुर से सामने घाट जाने वाले मार्ग पर कई गड्ढ़े हैं। इसी मार्ग पर काशी विद्यापीठ ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख का घर भी है। तारानगर कॉलोनी में रहने वाले डॉ. राधे श्याम विश्वकर्मा ने बताया कि तारानगर कॉलोनी 20 साल पहले बनी, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। यहां तक कि सीवर, पेयजल, सड़क की व्यवस्था नहीं हो सकी। कॉलोनी की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में मिलकर शिकायत किया गया था। उसके बावजूद सिर्फ कुछ दूर तक सड़क बना कर छोड़ दिया गया।
आरपी चौहान ने बताया कि हल्की बारिश होने पर सड़क पर चलने के काबिल नहीं रह जाता है। हर तरफ कीचड़ रहता है। इस कॉलोनी में 150 परिवार रहते हैं। सत्यम नगर के रहने वाले आशु सिंह ने बताया कि कॉलोनी बनी, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। इस कालोनी में दो सौ से ज्यादा परिवार रहते हैं। अभिषेक पांडेय ने बताया कि कॉलोनी की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक पत्र दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
छित्तुपुर में 22 साल पहले तारा नगर के पास सत्यम नगर कॉलोनी बसी थी। उसके बाद भी सड़क सीवर, पेयजल लाइन अभी तक नहीं लग सका। छित्तुपुर से सामने घाट जाने वाले मार्ग पर कई गड्ढ़े हैं। इसी मार्ग पर काशी विद्यापीठ ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख का घर भी है। तारानगर कॉलोनी में रहने वाले डॉ. राधे श्याम विश्वकर्मा ने बताया कि तारानगर कॉलोनी 20 साल पहले बनी, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। यहां तक कि सीवर, पेयजल, सड़क की व्यवस्था नहीं हो सकी। कॉलोनी की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में मिलकर शिकायत किया गया था। उसके बावजूद सिर्फ कुछ दूर तक सड़क बना कर छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
आरपी चौहान ने बताया कि हल्की बारिश होने पर सड़क पर चलने के काबिल नहीं रह जाता है। हर तरफ कीचड़ रहता है। इस कॉलोनी में 150 परिवार रहते हैं। सत्यम नगर के रहने वाले आशु सिंह ने बताया कि कॉलोनी बनी, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। इस कालोनी में दो सौ से ज्यादा परिवार रहते हैं। अभिषेक पांडेय ने बताया कि कॉलोनी की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक पत्र दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन