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दुनिया का पहला ट्विन रेल इंजन राष्ट्र को समर्पित
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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दुनिया का पहला डीजल से विद्युत में परिवर्तित 10000 अश्व शक्ति क्षमता का ट्विन रेल इंजन (कनवर्टेड लोको) राष्ट्र को समर्पित किया। डीजल रेल इंजन कारखाना (डीरेका) में प्रधानमंत्री ने इस मालवाहक डब्ल्यूएजीसी3 इंजन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लोकार्पण से पहले प्रधानमंत्री ने रेल इंजन के बारे में लगाई गई प्रदर्शनी, वीडियो फिल्म व रेल इंजन कैब देखी।
प्रधानमंत्री ने विद्युत रेल इंजन के निर्माण में लगे डीएलडब्ल्यू, सीएलडब्ल्यू और आरडीएसओ के कर्मचारियों और अधिकारियों को बधाई दी। उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आप लोगों ने बहुत अच्छा काम किया। सभी के साथ ग्रुप फोटो भी कराई। प्रधानमंत्री का स्वागत रेलवे बोर्ड के सदस्य (कर्षण) घनश्याम सिंह और डीरेका महाप्रबंधक रश्मि गोयल ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेल राज्यमंत्री एवं संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय उपस्थित रहे। उप महाप्रबंधक नितिन मेहरोत्रा ने धन्यवाद दिया।
28 फरवरी, 2018 को डीरेका ने 2600 अश्वशक्ति वाले पुराने डब्ल्यूडीजी3ए डीजल रेल इंजन को 5000 अश्व शक्तिवाले विद्युत रेल इंजन में रूपांतरित कर डब्ल्यूएजीसी3 इंजन की पहली इकाई का निर्माण किया। इससे ट्रैक्शन एचपी में 92 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रेल इंजन की दूसरी इकाई 30 मार्च, 2018 को तैयार की गई। 22 दिसंबर, 17 को शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत दोनों इकाइयों को स्थायी रूप से जोड़कर डीरेका ने 10000 अश्वशक्तिक्षमता का ट्विन डब्ल्यूएजीसी3 विद्युत रेल इंजन तैयार किया। रूपांतरण का कार्य संकल्पना से निर्माण तक 69 दिन के रिकॉर्ड समय में किया गया।
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प्रधानमंत्री ने विद्युत रेल इंजन के निर्माण में लगे डीएलडब्ल्यू, सीएलडब्ल्यू और आरडीएसओ के कर्मचारियों और अधिकारियों को बधाई दी। उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आप लोगों ने बहुत अच्छा काम किया। सभी के साथ ग्रुप फोटो भी कराई। प्रधानमंत्री का स्वागत रेलवे बोर्ड के सदस्य (कर्षण) घनश्याम सिंह और डीरेका महाप्रबंधक रश्मि गोयल ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेल राज्यमंत्री एवं संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय उपस्थित रहे। उप महाप्रबंधक नितिन मेहरोत्रा ने धन्यवाद दिया।
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28 फरवरी, 2018 को डीरेका ने 2600 अश्वशक्ति वाले पुराने डब्ल्यूडीजी3ए डीजल रेल इंजन को 5000 अश्व शक्तिवाले विद्युत रेल इंजन में रूपांतरित कर डब्ल्यूएजीसी3 इंजन की पहली इकाई का निर्माण किया। इससे ट्रैक्शन एचपी में 92 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रेल इंजन की दूसरी इकाई 30 मार्च, 2018 को तैयार की गई। 22 दिसंबर, 17 को शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत दोनों इकाइयों को स्थायी रूप से जोड़कर डीरेका ने 10000 अश्वशक्तिक्षमता का ट्विन डब्ल्यूएजीसी3 विद्युत रेल इंजन तैयार किया। रूपांतरण का कार्य संकल्पना से निर्माण तक 69 दिन के रिकॉर्ड समय में किया गया।
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