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अद की प्रतापगढ़ रैली में दिखेंगे चौंकाने वाले चेहरे
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वाराणसी। लोकसभा चुनाव के शंखनाद के लिए प्रतापगढ़ में 11 फरवरी को अपना दल की रैली होगी। पार्टी सूत्रों की मानें तो रैली में कांग्रेस की प्रियंका गांधी, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रमुख शिवपाल यादव, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के आने की संभावना है।
अपना दल की प्रदेश अध्यक्ष पल्लवी पटेल ने कहा कि रैली में प्रदेश भर से 50 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य है। इसके लिए वाराणसी समेत अन्य जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में बैठकें जारी हैं। वाराणसी के जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि जिला कमेटी की बैठक आठ फरवरी को होगी।
सपा-बसपा गठबंधन के बाद कांग्रेस के साथ छोटे दलों के मिलने की संभावना है। भाजपा के साथ अपना दल जाना नहीं चाहती है। दरअसल, पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने कुछ समय पहले कहा था कि गठबंधन के लिए भाजपा से बातचीत चल रही है। इसके बाद पार्टी के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। कार्यकर्ता किसी भी हाल में भाजपा के साथ गठबंधन के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। इसके मद्देनजर बड़े नेताओं को कार्यकर्ताओं को समझाने बुझाने के साथ गलतफहमी दूर करने के लिए लगाया गया है।
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माना जा रहा है कि फिलहाल अपना दल के पास सपा-बसपा गठबंधन में जाने का विकल्प मजबूत नहीं है। सूत्र कह रहे हैं कि उसके पास तीसरे फ्रंट में जाने का विकल्प खुला है। तीसरे फ्रंट में कांग्रेस के अलावा निषाद पार्टी, पीस पार्टी, अपना दल, प्रसपा सहित कई छोटे दल हैं। शीर्ष स्तर पर इनके नेताओं में बातचीत भी चल रही है।
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अपना दल की प्रदेश अध्यक्ष पल्लवी पटेल ने कहा कि रैली में प्रदेश भर से 50 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य है। इसके लिए वाराणसी समेत अन्य जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में बैठकें जारी हैं। वाराणसी के जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि जिला कमेटी की बैठक आठ फरवरी को होगी।
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सपा-बसपा गठबंधन के बाद कांग्रेस के साथ छोटे दलों के मिलने की संभावना है। भाजपा के साथ अपना दल जाना नहीं चाहती है। दरअसल, पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने कुछ समय पहले कहा था कि गठबंधन के लिए भाजपा से बातचीत चल रही है। इसके बाद पार्टी के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। कार्यकर्ता किसी भी हाल में भाजपा के साथ गठबंधन के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। इसके मद्देनजर बड़े नेताओं को कार्यकर्ताओं को समझाने बुझाने के साथ गलतफहमी दूर करने के लिए लगाया गया है।
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माना जा रहा है कि फिलहाल अपना दल के पास सपा-बसपा गठबंधन में जाने का विकल्प मजबूत नहीं है। सूत्र कह रहे हैं कि उसके पास तीसरे फ्रंट में जाने का विकल्प खुला है। तीसरे फ्रंट में कांग्रेस के अलावा निषाद पार्टी, पीस पार्टी, अपना दल, प्रसपा सहित कई छोटे दल हैं। शीर्ष स्तर पर इनके नेताओं में बातचीत भी चल रही है।