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क्रूज के विरोध में नाविकों ने शुरू की हड़ताल
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वाराणसी। गंगा में क्रूज संचालन के विरोध में शुक्रवार से नाविकों ने नावों का संचालन बंद कर दिया। कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के चलते गंगा में एक भी नाव नहीं चली। घाटों पर सन्नाटा छाया रहा। नावों का संचालन न होने से पर्यटकों को घाटों पर पैदल ही यात्रा करनी पड़ी, इससे काफी मुश्किलें हुई।
काशी के निषाद समाज ने 12 दिसंबर को क्रूज का संचालन बंद कर करने की मांग की थी। साथ ही 15 दिन का समय दिया था। ऐसे में 15 दिन में कोई निर्णय न होने के चलते शुक्रवार को मांझी समाज ने हड़ताल कर दिया। दशाश्वमेध घाट पर नावों पर आयोजित सभा में एक स्वर में क्रूज संचालन का विरोध किया और जमकर नारेबाजी की। समस्त मांझी समाज के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में राकेश साहनी ने कहा कि मांग के बाद भी क्रूज योजना बंद नहीं हो रही है। क्रूज लाकर सरकार ने समाज का रोजी-रोटी मारने का कार्य किया है। इसलिए अब हम लोग आरपार की लड़ाई के लिए आंदोलन शुरू कर चुके हैं। समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मुरारी लाल कश्यप ने कहा कि 15 दिन में कुछ नहीं किया गया है। इसलिए विवश होकर हम लोग यह कदम उठा रहे हैं। आंदोलन में किशन साहनी, राकेश कुमार साहनी, बाबू साहनी, प्रदीप साहनी, शंभू साहनी, मनीष साहनी, प्रमोद कुमार साहनी, अजित मांझी, पप्पू निषाद, मोहन निषाद, वीरेंद्र साहनी, बनारसी प्रधान, मुरारी कश्यप, भरत कश्यप, अनिल साहनी, राज कुमार साहनी उपस्थित रहे।
ये हैं मांगें
1- क्रूज की वापसी
2- जल पुलिस में काशी के मल्लाहों की नियुक्ति
3- नावों का लाइसेंस नवीनीकरण में हो
4- बाढ़ के समय नौका संचालन का प्रतिबंध हटे
5- वाटर स्पोर्ट बंद हो
6- गंगा पार के गंग बरार की भूमि आवंटित हो
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काशी के निषाद समाज ने 12 दिसंबर को क्रूज का संचालन बंद कर करने की मांग की थी। साथ ही 15 दिन का समय दिया था। ऐसे में 15 दिन में कोई निर्णय न होने के चलते शुक्रवार को मांझी समाज ने हड़ताल कर दिया। दशाश्वमेध घाट पर नावों पर आयोजित सभा में एक स्वर में क्रूज संचालन का विरोध किया और जमकर नारेबाजी की। समस्त मांझी समाज के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में राकेश साहनी ने कहा कि मांग के बाद भी क्रूज योजना बंद नहीं हो रही है। क्रूज लाकर सरकार ने समाज का रोजी-रोटी मारने का कार्य किया है। इसलिए अब हम लोग आरपार की लड़ाई के लिए आंदोलन शुरू कर चुके हैं। समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मुरारी लाल कश्यप ने कहा कि 15 दिन में कुछ नहीं किया गया है। इसलिए विवश होकर हम लोग यह कदम उठा रहे हैं। आंदोलन में किशन साहनी, राकेश कुमार साहनी, बाबू साहनी, प्रदीप साहनी, शंभू साहनी, मनीष साहनी, प्रमोद कुमार साहनी, अजित मांझी, पप्पू निषाद, मोहन निषाद, वीरेंद्र साहनी, बनारसी प्रधान, मुरारी कश्यप, भरत कश्यप, अनिल साहनी, राज कुमार साहनी उपस्थित रहे।
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ये हैं मांगें
1- क्रूज की वापसी
2- जल पुलिस में काशी के मल्लाहों की नियुक्ति
3- नावों का लाइसेंस नवीनीकरण में हो
4- बाढ़ के समय नौका संचालन का प्रतिबंध हटे
5- वाटर स्पोर्ट बंद हो
6- गंगा पार के गंग बरार की भूमि आवंटित हो