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खड़े ट्रक में घुसी कार घुसी, दो युवकों की मौत
Updated Fri, 20 Apr 2018 02:28 AM IST
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रोहनिया। केशरीपुर स्थित भाष्करा तालाब के समीप बुधवार की रात दो बजे के लगभग सड़क किनारे खड़े ट्रक के पीछे तेज रफ्तार मारुती ब्रेजा कार जा घुसी। हादसे में कार सवार दिवाकर भार्गव (30) और आनंद मोहन (31) की दुर्घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इलाकाई लोगों से जानकारी पाकर रोहनिया पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस के अनुसार चालक को नींद आने की वजह से हादसा हुआ है। वहीं, हादसे के बाद ट्रक लेकर चालक मौके से भाग निकला।
सिगरा थाना अंतर्गत चंद्रिका नगर निवासी दिवाकर और झांसी के गुरुसराय निवासी आनंद मोहन एक मल्टीनेशनल एफएमसीजी कंपनी में कार्यरत थे। रोहनिया पुलिस की सूचना पर बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दिवाकर के पिता अजीत भार्गव ने बताया कि दोनों कंपनी के काम से कानपुर गए थे। काम खत्म होने के बाद दिवाकर कानपुर में ही रुकना चाह रहा था। मगर, बातचीत हुई तो उससे हमने कहा कि घर लौट आओ। दिवाकर के रोहनिया पहुंचने तक उससे लगातार बात हुई और फिर मोबाइल नहीं मिला तो हम सभी चिंतित हुए। काफी इंतजार के बाद भी दिवाकर से बात नहीं हुई और इसी बीच पुलिस का फोन आया तो हादसे की जानकारी हुई। उधर, हादसे में इकलौते बेटे दिवाकर की मौत की जानकारी मिलते ही उनकी मां अल्का भार्गव अचेत हो गई थी। होश में आने पर सिर्फ यही पूछ रही थी कि दिवाकर कब तक घर आ जाएगा। अल्का की हालत देख उन्हें ढांढस बंधाने पहुंची महिलाओं की भी हिम्मत जवाब दे जा रही थी। वहीं, रोहनिया इंस्पेक्टर ने बताया कि आनंद मोहन के परिजनों को भी हादसे की जानकारी दे दी गई है और वो बनारस के लिए रवाना हो चुके हैं।
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सिगरा थाना अंतर्गत चंद्रिका नगर निवासी दिवाकर और झांसी के गुरुसराय निवासी आनंद मोहन एक मल्टीनेशनल एफएमसीजी कंपनी में कार्यरत थे। रोहनिया पुलिस की सूचना पर बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दिवाकर के पिता अजीत भार्गव ने बताया कि दोनों कंपनी के काम से कानपुर गए थे। काम खत्म होने के बाद दिवाकर कानपुर में ही रुकना चाह रहा था। मगर, बातचीत हुई तो उससे हमने कहा कि घर लौट आओ। दिवाकर के रोहनिया पहुंचने तक उससे लगातार बात हुई और फिर मोबाइल नहीं मिला तो हम सभी चिंतित हुए। काफी इंतजार के बाद भी दिवाकर से बात नहीं हुई और इसी बीच पुलिस का फोन आया तो हादसे की जानकारी हुई। उधर, हादसे में इकलौते बेटे दिवाकर की मौत की जानकारी मिलते ही उनकी मां अल्का भार्गव अचेत हो गई थी। होश में आने पर सिर्फ यही पूछ रही थी कि दिवाकर कब तक घर आ जाएगा। अल्का की हालत देख उन्हें ढांढस बंधाने पहुंची महिलाओं की भी हिम्मत जवाब दे जा रही थी। वहीं, रोहनिया इंस्पेक्टर ने बताया कि आनंद मोहन के परिजनों को भी हादसे की जानकारी दे दी गई है और वो बनारस के लिए रवाना हो चुके हैं।
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