{"_id":"5ac67b1e4f1c1bc0618b5b91","slug":"181522957086-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मशीन ने आसान की किसानों की राह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मशीन ने आसान की किसानों की राह
Updated Fri, 06 Apr 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। गेहूं और धान की कटाई के लिए अब किसानों को मजदूरों के भरोसे नहीं बैठना पड़ेगा। हरित क्रांति योजना के तहत किसानों को सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर मशीन 50 फीसदी अनुदान पर दी जाएगी। यह मशीन एक बीघे की फसल की कटाई एक घंटे में करेगी। कृषि विभाग ने जिले के एक किसान को योजना के तहत यह मशीन उपलब्ध कराई है। इससे क्षेत्र के किसानों में उत्साह बढ़ा है।
खेतिहर किसान धान और गेहूं के सीजन में कटाई, मड़ाई को लेकर काफी परेशान होते हैं। मजदूर न मिलने से कई दिनों तक उनकी खेती सिवान में ही पड़ी रह जाती है। इससे कभी कभारी बारिश या ओलावृष्टि होने से उनके करे धरे पर पानी फिर जाता है। वित्तीय वर्ष 2017- 18 में हरित क्रांति योजना के तहत जिले में एक किसान को सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर मशीन देने का लक्ष्य तय था, कृषि विभाग की ओर से औराई के सेऊर गांव निवासी लालचंद्र चौबे को योजना का लाभ दिया गया। एक लाख 25 हजार की मशीन में लाभार्थी को 62 हजार अनुदान दिया गया। बृहस्पतिवार को उप निदेशक कृषि डॉ. अरविंद कुमार ने लाभार्थी के यहां जाकर गेहूं की कटाई का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मशीन एक घंटे में एक बीघे गेहूं की फसल को काट रही है। इस दौरान 100 रुपये का पेट्रोल लगता है। उन्होंने कहा कि मशीन को लेकर किसान काफी उत्साहित हैं। नए वित्तीय वर्ष में लाभार्थी की संख्या में इजाफा होगा।
विज्ञापन
खेतिहर किसान धान और गेहूं के सीजन में कटाई, मड़ाई को लेकर काफी परेशान होते हैं। मजदूर न मिलने से कई दिनों तक उनकी खेती सिवान में ही पड़ी रह जाती है। इससे कभी कभारी बारिश या ओलावृष्टि होने से उनके करे धरे पर पानी फिर जाता है। वित्तीय वर्ष 2017- 18 में हरित क्रांति योजना के तहत जिले में एक किसान को सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर मशीन देने का लक्ष्य तय था, कृषि विभाग की ओर से औराई के सेऊर गांव निवासी लालचंद्र चौबे को योजना का लाभ दिया गया। एक लाख 25 हजार की मशीन में लाभार्थी को 62 हजार अनुदान दिया गया। बृहस्पतिवार को उप निदेशक कृषि डॉ. अरविंद कुमार ने लाभार्थी के यहां जाकर गेहूं की कटाई का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मशीन एक घंटे में एक बीघे गेहूं की फसल को काट रही है। इस दौरान 100 रुपये का पेट्रोल लगता है। उन्होंने कहा कि मशीन को लेकर किसान काफी उत्साहित हैं। नए वित्तीय वर्ष में लाभार्थी की संख्या में इजाफा होगा।
विज्ञापन