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बिल्डरों के रुपये बदलने ले जाते थे संजय और संतोष
Updated Thu, 18 Jan 2018 02:29 AM IST
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वाराणसी। कानपुर के फजलगंज स्थित तीन होटल और स्वरूप नगर के बिल्डर के घर से बरामद 97 करोड़ के पुराने नोट के मामले में गिरफ्तार चौबेपुर के उकथी निवासी संतोष पाठक और रोहनिया के संजय कुमार सिंह कूरियर ब्वाय का काम करते थे। पुलिस के अनुसार दोनों बनारस और आसपास के जिलों के बिल्डरों के पास से पुराने नोट लेकर कानपुर जाते थे और वहां कोलकाता के मनीचेंजर की मदद से नई करेंसी में बदलवाते थे। दोनों इस धंधे में बीते तीन महीने से संलिप्त थे। दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्हें एक करोड़ के पुराने नोट बदलवाने के बदले में 25 लाख का कमीशन देने की बात कही गई थी। इस धंधे में उन्हें लंका क्षेत्र का अरुण सिंह लेकर आया था।
उकथी निवासी संतोष के गांव के लोगों और परिवारीजनों ने बताया कि वह कई धंधों में किस्मत आजमा चुका था लेकिन सफल नहीं हुआ था। हाल के दिनों में वह क्या कर रहा था, इसकी जानकारी परिवार के लोगों को नहीं है। कुछ दोस्तों ने बताया कि सारनाथ के तिलमापुर क्षेत्र में संतोष अगरबत्ती बनवाने का काम कराता था लेकिन धंधे का क्या हुआ इसकी जानकारी किसी को नहीं है। वहीं, घमहापुर निवासी संजय कुमार सिंह रेलवे के मेंटेनेंस के कामकाज से जुड़ा हुआ था। हालांकि ज्यादातर समय वह इधर-उधर घूमते ही नजर आता था। उसके करीबियों ने बताया कि वह कानपुर में रेलवे के टेंडर के लिए जाने की बात कहकर निकला था।
पुलिस के सामने संतोष और संजय ने बताया कि दोनों एक-दूसरे को नहीं जानते हैं। संजय ने बताया कि अरुण सिंह से उसकी मुलाकात एक जमीन की खरीद-फरोख्त की बातचीत के दौरान हुई। वहीं, संतोष ने बताया कि उसके एक दोस्त ने अरुण सिंह से मुलाकात कराई थी। हालांकि दोनों को अरुण सिंह ने जो नंबर दिया था, वह स्विच ऑफ है। कानपुर के एसपी पूर्वी अनुराग आर्या ने बताया कि अरुण सिंह की तलाश में जल्द ही एक टीम बनारस पहुंचेगी। इसके अलावा संजय और संतोष से जो जानकारियां मिली हैं उसके आधार पर कुछ और लोगों की तस्दीक की जाएगी।
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उकथी निवासी संतोष के गांव के लोगों और परिवारीजनों ने बताया कि वह कई धंधों में किस्मत आजमा चुका था लेकिन सफल नहीं हुआ था। हाल के दिनों में वह क्या कर रहा था, इसकी जानकारी परिवार के लोगों को नहीं है। कुछ दोस्तों ने बताया कि सारनाथ के तिलमापुर क्षेत्र में संतोष अगरबत्ती बनवाने का काम कराता था लेकिन धंधे का क्या हुआ इसकी जानकारी किसी को नहीं है। वहीं, घमहापुर निवासी संजय कुमार सिंह रेलवे के मेंटेनेंस के कामकाज से जुड़ा हुआ था। हालांकि ज्यादातर समय वह इधर-उधर घूमते ही नजर आता था। उसके करीबियों ने बताया कि वह कानपुर में रेलवे के टेंडर के लिए जाने की बात कहकर निकला था।
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पुलिस के सामने संतोष और संजय ने बताया कि दोनों एक-दूसरे को नहीं जानते हैं। संजय ने बताया कि अरुण सिंह से उसकी मुलाकात एक जमीन की खरीद-फरोख्त की बातचीत के दौरान हुई। वहीं, संतोष ने बताया कि उसके एक दोस्त ने अरुण सिंह से मुलाकात कराई थी। हालांकि दोनों को अरुण सिंह ने जो नंबर दिया था, वह स्विच ऑफ है। कानपुर के एसपी पूर्वी अनुराग आर्या ने बताया कि अरुण सिंह की तलाश में जल्द ही एक टीम बनारस पहुंचेगी। इसके अलावा संजय और संतोष से जो जानकारियां मिली हैं उसके आधार पर कुछ और लोगों की तस्दीक की जाएगी।
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