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विदेशी खरीददारों को पसंद आए पूर्वांचल के कालीन
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:33 AM IST
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वाराणसी। कार्पेट एक्सपो में विदेशी खरीददारों ने पूर्वांचल के हस्तनिर्मित कालीनों में काफी रुचि दिखाई है। सोमवार को निर्यात के कई ऑडर भी मिले। यह प्रदर्शनी 24 अक्तूबर तक चलेगी। वस्त्र राज्यमंत्री अजय टमटा मंगलवार को कालीन प्रदर्शनी का निरीक्षण करेंगे। साथ ही बायर्स लाउंज में 3:30 बजे सरकार की ओर से कार्पेट प्रमोशन के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देंगे।
कार्पेट एक्सपो प्रमोशन काउंसिल की ओर से बड़ा लालपुर स्थित दीन दयाल हस्तकला संकुल में चल रहे 36वें इंडिया कार्पेट एक्सपो में सोमवार को 303 विदेशी खरीददारों के प्रतिनिधियों सभी स्टालों पर घूम घूमकर अपनी जरूरत के मुताबिक उत्पाद पसंद किए। इसके अलावा 232 भारतीय ट्रेडर्स के प्रतिनिधि भी एक्सपो में पहुंचे। एक्सपो में सैंपल खरीद भी काफी हुई है। संभावना है कि इनसे बाद में भी निर्यात के कई ऑडर मिल सकते हैं। भारत से होने वाले कुल कालीन निर्यात में 60 फीसदी भागेदारी उत्तर प्रदेश की है। इसमें भी पूर्वांचल का भदोही और आसपास का क्षेत्र प्रमुख स्थान रखता है। अंतिम दिन आम लोग भी कार्पेट एक्सपो को देख सकेंगे। कालीन एक्सपो के चलते हस्त कला संकुल में वस्त्र म्यूजियम को आम लोग नहीं देख पा रहे हैं। म्यूजियम या प्रदर्शनी को देखने पहुंच रहे लोगों को लौटा दिया जा रहा है।
विदेशियों को भाया मोदी कॉलीन
प्रदर्शनी में वाराणसी हस्तशिल्प के स्टाल पर ऊन पर सिल्क की तीन लेयर से तैयार खास कालीन को मोदी कालीन नाम दिया गया है। यह कालीन विदेशी ट्रेडर्स को काफी पसंद आ रहा है। कंपनी निदेशक दिलीप टंडन ने बताया कि प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ के नारे के बाद उन्होंने कई नए प्रयोग किए। एक कालीन में वह 12 से 15 कलर का प्रयोग करते हैं। इनके अंतर को पता करना बहुत ही मुश्किल होता है। साठ से ज्यादा देशों को कालीन का निर्यात कर रहे हैं। वर्जीनिया के जेरी कंबूरियन ने उनके कालीन की तारीफ की।
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कार्पेट एक्सपो प्रमोशन काउंसिल की ओर से बड़ा लालपुर स्थित दीन दयाल हस्तकला संकुल में चल रहे 36वें इंडिया कार्पेट एक्सपो में सोमवार को 303 विदेशी खरीददारों के प्रतिनिधियों सभी स्टालों पर घूम घूमकर अपनी जरूरत के मुताबिक उत्पाद पसंद किए। इसके अलावा 232 भारतीय ट्रेडर्स के प्रतिनिधि भी एक्सपो में पहुंचे। एक्सपो में सैंपल खरीद भी काफी हुई है। संभावना है कि इनसे बाद में भी निर्यात के कई ऑडर मिल सकते हैं। भारत से होने वाले कुल कालीन निर्यात में 60 फीसदी भागेदारी उत्तर प्रदेश की है। इसमें भी पूर्वांचल का भदोही और आसपास का क्षेत्र प्रमुख स्थान रखता है। अंतिम दिन आम लोग भी कार्पेट एक्सपो को देख सकेंगे। कालीन एक्सपो के चलते हस्त कला संकुल में वस्त्र म्यूजियम को आम लोग नहीं देख पा रहे हैं। म्यूजियम या प्रदर्शनी को देखने पहुंच रहे लोगों को लौटा दिया जा रहा है।
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विदेशियों को भाया मोदी कॉलीन
प्रदर्शनी में वाराणसी हस्तशिल्प के स्टाल पर ऊन पर सिल्क की तीन लेयर से तैयार खास कालीन को मोदी कालीन नाम दिया गया है। यह कालीन विदेशी ट्रेडर्स को काफी पसंद आ रहा है। कंपनी निदेशक दिलीप टंडन ने बताया कि प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ के नारे के बाद उन्होंने कई नए प्रयोग किए। एक कालीन में वह 12 से 15 कलर का प्रयोग करते हैं। इनके अंतर को पता करना बहुत ही मुश्किल होता है। साठ से ज्यादा देशों को कालीन का निर्यात कर रहे हैं। वर्जीनिया के जेरी कंबूरियन ने उनके कालीन की तारीफ की।
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