फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   नौ घंटे तक बीएचयू परिसर का माहौल रहा अराजक

नौ घंटे तक बीएचयू परिसर का माहौल रहा अराजक

Thu, 13 Sep 2018 02:16 AM IST
Updated Thu, 13 Sep 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
नौ घंटे तक बीएचयू परिसर का माहौल रहा अराजक
वाराणसी। डॉ. सीपीआर अय्यर हॉस्टल में नाश्त करने को लेकर शुरू हुए विवाद के कारण बुधवार को सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक यानी नौ घंटे बीएचयू परिसर का माहौल अराजक रहा। रुइया हॉस्टल से हेल्थ सेंटर तक हॉस्टल मार्ग पर आवागमन ठप रहा। इस दौरान बिड़ला अ और एलबीएस हॉस्टल की छत से पथराव कर रहे छात्रों ने पुलिस के सामने तमंचे लहराए। साथ ही, पुलिस को ललकारते हुए सामना करने की चुनौती दी।
विज्ञापन

बुधवार को नाश्ता करने के विवाद में शुरू हुई कहासुनी से स्थिति इस कदर अराजक हो जाएगी इसके बारे में किसी ने अंदाजा भी नहीं लगाया था। अय्यर हॉस्टल के सामने छात्र सड़क पर लोहे की कुर्सियां गिरा कर छात्र देर शाम तक धरने पर बैठे थे और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही उनको बीएचयू से निष्काषित करने की मांग कर रहे थे। अय्यर हॉस्टल के छात्रों की मांगों के समर्थन में ब्रोचा और डालमिया हॉस्टल के छात्र भी धरने पर बैठे थे।
विज्ञापन

-------
जमानत पर छूटे निष्काषित छात्र उपद्रव में रहे शामिल
अय्यर छात्रावास के छात्रों ने बताया कि उपद्रव करने वालों में हाल में ही जेल से जमानत पर छूटे कला संकाय के निष्काषित छात्र भी शामिल थे। यह निष्काषित छात्र परिसर में कैसे प्रवेश कर गए, यह सात सौ से ज्यादा सिक्योरिटी गार्ड वाले बीएचयू के प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्यशैली पर गंभीर सवाल है। बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर ने भी माना कि उपद्रव में निष्काषित और जमानत पर छूटे छात्र भी शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
चीफ प्रॉक्टर और हॉस्टल के वार्र्डेन के बीच दिखी संवादहीनता
बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर और बिड़ला सी सहित अन्य हॉस्टलों के वार्डेन के बीच बुधवार को गजब की संवादहीनता दिखी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अय्यर हॉस्टल के सीसी कैमरों के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) की मदद से उपद्रवी छात्रों को चिह्नित करने के दौरान चीफ प्रॉक्टर और वार्डेन के सुर अलग-अलग थे। वार्डेन पुलिस और चीफ प्रॉक्टर की कार्यशैली को सवालों के घेरे में खड़ा करने पर तुले थे। इसके साथ ही उपद्रवी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई में कोई सहयोग करने को तैयार नहीं दिख रहा था।
------
उपद्रव से सहमे व्यापारी
बीएचयू परिसर में हुए उपद्रव का मामला सार्वजनिक होने के बाद लंका के मेडिकल स्टोरों के साथ ही अन्य दुकानों के दुकानदार सहमे हुए थे। सभी को आशंका थी कि परिसर के भीतर के बाद उपद्रवी छात्रों का गुट कहीं बाहर भी उत्पात न मचाए।
------
प्रधानमंत्री के आने से पहले शरारत तो नहीं
वाराणसी। बीते साल 22 सितबंर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर शहर आए थे, उस दौरान भी बीएचयू का माहौल अराजक था। विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ छेड़खानी के विरोध में सिंह द्वार पर छात्र-छात्राएं धरना दे रहे थे। हालात कुछ इस कदर बिगड़े थे कि दुर्गाकुंड गए पीएम मोदी के आवागमन का रूट आननफानन में बदला गया था। ऐसे में अब जबकि प्रधानमंत्री को सितंबर के आखिरी हफ्ते में फिर शहर के दौरे पर आना है तो इसे लेकर आशंका जताई जा रही है कि कहीं जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश तो नहीं की जा रही। इसे लेकर केंद्रीय खुफिया इकाइयां अलर्ट हो गई हैं।
पीएमओ को अवगत कराया
बीएचयू परिसर के माहौल को भांपने मेें विश्वविद्यालय प्रशासन की इंटेलिजेंस यूनिट के साथ ही जिले की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट हमेशा से मात खाती चली आई है। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार बीएचयू परिसर में अराजक हुई स्थिति से प्रधानमंत्री कार्यालय को भी अवगत करा दिया गया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री शहर आएंगे तो इस बार उनके पूर्व के दौरों की अपेक्षा बीएचयू के माहौल को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
कहां से आए तमंचे और पेट्रोल बम
बिड़ला सी से पांच छात्रों को हिरासत में लिए जाने के बाद बिड़ला अ और एलबीएस हॉस्टल की छत पर खड़े छात्र पुलिस के सामने तमंचे लहरा रहे थे। साथ ही, पेट्रोल बम फेंक रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि हॉस्टलों के कमरों की जांच नहीं होती क्या...? छात्रों के पास तमंचे कहां से आए...? छात्र इतना जल्दी पेट्रोल बम कहां से तैयार कर पुलिस पर फेंक रहे हैं...? इन सवालों का चीफ प्रॉक्टर और हॉस्टलों के वार्डेन के पास कोई जवाब नहीं था।
इनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
अभिषेक राय - बीए ऑनर्स समाजशास्त्र, प्रिंस कुमार सिंह - एमए मैन्युस्क्रिप्टोलॉजी व पैलियोग्राफी, गौरव कुमार - एमसीए, शिवम पांडेय - एमए प्रयोजोन्मूलक हिंदी, कुमार मंगलम सिंह - एमपीएड, पवन कुमार मिश्रा - बीए ऑनर्स दर्शन शास्त्र, प्रवीन राय - एमए मैन्युस्क्रिप्टोलॉजी व पैलियोग्राफी, सौरभ तिवारी - बीए द्वितीय वर्ष, बिट्टू तिवारी, हिदायतुल्ला, मनीष तिवारी, सत्यम राय, रोहित, राममोहन मिश्रा, अनुज, अंकुर सिंह, विभास, गोविंद, गोविंद सिंह और राजीव बलियान के खिलाफ बलवा, मारपीट, जानलेवा हमला, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री ने ली जानकारी
बीएचयू के अय्यर हॉस्टल में मारपीट और तोड़फोड़ के बाद अराजक हुई स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर पहुंचते ही डीएम और एसएसपी से जानकारी ली। सीएम ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर का माहौल शांत रहे और पठन-पाठन में किसी प्रकार की बाधा न पैदा हो, यह सुनिश्चित करना पुलिस-प्रशासन का काम है। उपद्रव करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि अन्य को उससे सीख मिले और माहौल बिगाड़ने की कोई कोशिश न कर पाए। इसके साथ ही नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय से भी पल-पल का अपडेट लिया जाता रहा। वहीं, इससे पहले मुख्यमंत्री के शहर आगमन और बीएचयू में बवाल को लेकर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के हाथ-पांव फूले रहे। अधिकारी हरसंभव इस प्रयास में लगे थे कि मुख्यमंत्री के शहर आगमन से पहले बीएचयू परिसर का माहौल सामान्य हो जाए।

तैयार की नुकसान की रिपोर्ट
अय्यर हॉस्टल में तोड़फोड़ और क्षतिग्रस्त की गई बाइक व साइकिल के नुकसान का सर्वे कराने के लिए प्रशासन की ओर से पीडब्लूडी के अभियंता और एआरटीओ को बुलाया गया था। पीडब्लूडी ने कैमरों, खिड़कियों के शीशों, नोटिस बोर्ड और वार्र्डेेन आफिस में हुई तोड़फोेड़ का इस्टीमेट तैयार किया। वहीं, एआरटीओ ने क्षतिग्रस्त बाइक और साइकिल के नुकसान का इस्टीमेट बनाया। एसएसपी ने बताया कि जितना भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई आरोपी छात्रों से की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed