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30 सितंबर तक पूरा कराएं शौचालय का काम
Updated Thu, 05 Jul 2018 12:36 AM IST
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ज्ञानपुर। विकास खंड ज्ञानपुर और डीघ के सभागार में बुधवार को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण का काम जल्द से जल्द पूरा कराएं ताकि दो अक्टूबर तक जिले को ओडीएफ घोषित किया जा सके। इसमें लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्यशाला में अधिकारियों ने बताया कि लक्ष्य 2.39 लाख के सापेक्ष 2.07 लाख शौचालय बनाए जा चुके हैं। 31 हजार शौचालय अभी बनना बाकी हैं। इस पर डीएम ने कहा कि कहा कि ग्राम प्रधान और सेकेट्री पूरी तैयार कर लें। कहा कि ग्रामीणों को अपनी सोच बदलनी होगी। जब तक सभी लोग शौचालय का उपयोग नहीं करेंगे तो गांव ओडीएफ नहीं माना जाएगा। ग्राम प्रधानों से कहा कि वे गांव के प्रथम नागरिक हैं। आपका दायित्व है कि गांव के लोगों को खुले में शौच न जाने दें। बीमारियों से बचने एवं गांव की प्रगति के लिए इज्जत घर जरूरी है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारियों से कहा कि जिन गांवों में शौचालय की प्रगति खराब है, उनकी जबाबदेही तय की जाएगी। कहा कि अब तक जितने भी शौचालय बनाए गए हैं, उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए। वर्ष 2012 में हुए बेसलाइन सर्वे के आधार पर समस्त पात्र लाभार्थियों के घर शौचालय बनाए गए हैं या नहीं, इस पर ध्यान देना जरूरी। कहा कि बरसात के कारण निर्माण कार्य अवरुद्ध नहीं होना चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने निर्देश दिया कि पंजीकृत श्रमिकों के लिए शौचालय का निर्माण श्रम विभाग की धनराशि से कराया जाएगा। सीडीओ ने ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया कि 30 सितंबर तक शौचालय का काम पूरा करा लें। इसमें किसी भी प्रकार शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
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कार्यशाला में अधिकारियों ने बताया कि लक्ष्य 2.39 लाख के सापेक्ष 2.07 लाख शौचालय बनाए जा चुके हैं। 31 हजार शौचालय अभी बनना बाकी हैं। इस पर डीएम ने कहा कि कहा कि ग्राम प्रधान और सेकेट्री पूरी तैयार कर लें। कहा कि ग्रामीणों को अपनी सोच बदलनी होगी। जब तक सभी लोग शौचालय का उपयोग नहीं करेंगे तो गांव ओडीएफ नहीं माना जाएगा। ग्राम प्रधानों से कहा कि वे गांव के प्रथम नागरिक हैं। आपका दायित्व है कि गांव के लोगों को खुले में शौच न जाने दें। बीमारियों से बचने एवं गांव की प्रगति के लिए इज्जत घर जरूरी है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारियों से कहा कि जिन गांवों में शौचालय की प्रगति खराब है, उनकी जबाबदेही तय की जाएगी। कहा कि अब तक जितने भी शौचालय बनाए गए हैं, उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए। वर्ष 2012 में हुए बेसलाइन सर्वे के आधार पर समस्त पात्र लाभार्थियों के घर शौचालय बनाए गए हैं या नहीं, इस पर ध्यान देना जरूरी। कहा कि बरसात के कारण निर्माण कार्य अवरुद्ध नहीं होना चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने निर्देश दिया कि पंजीकृत श्रमिकों के लिए शौचालय का निर्माण श्रम विभाग की धनराशि से कराया जाएगा। सीडीओ ने ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया कि 30 सितंबर तक शौचालय का काम पूरा करा लें। इसमें किसी भी प्रकार शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
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