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विदेश भाग रहे घोटालेबाज, चौकीदार मौन
Updated Sun, 25 Feb 2018 01:16 AM IST
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सुरियावां। युवक कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे ‘रोजगार नहीं तो सरकार नहीं’ सत्याग्रह आंदोलन के तहत शनिवार को कौड़र में गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें केंद्र सरकार पर उद्योगपतियों का सहयोग करने का आरोप लगाया गया। वक्ताओं ने कहा कि घोटालेबाज देश छोड़कर भाग रहे हैं और चौकीदार मौन साधे हुए हैं।
युकां के लोकसभा कोऑर्डिनेटर मो. नाजिम ने कहा कि केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल है। गांव के मजदूर, किसान, नौजवान, सीमा पर जवान सभी सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा भुगत रहे हैं। प्रदेश महासचिव वसीम अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री विजय माल्या, ललित मोदी और नीरव मोदी जैसे लोग हजारों करोड़ लेकर विदेश भाग जा रहे हैं और देश के चौकीदार मौन हैं। चुप्पी कहीं ना कहीं मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है। लोकसभा अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि यदि भारत का नौजवान या किसान अपनी जीविका चलाने या खेतीबारी के लिए एक लाख या 50 हजार कर्ज लेता है और समय पर नहीं चुका पाता तो सरकार और बैंक उन नौजवानों और किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार करते हैं, जैसे उन्होंने कोई बड़ा अपराध कर दिया हो। मजबूरन उन्हें आत्महत्या करनी पड़ती है। दूसरी ओर पूंजीपति कर्ज लेकर करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं तो भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा। हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में नौजवानों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया। इस मौके पर मनोज नारायण, सुरेश चौहान, राजेश यादव, प्रीतम कौशल, अरुण गौतम, शमशेर अली, विनोद गुप्ता, गोलू भाई, आशीष यादव, युवराज सिंह, रंजीत साहू, राजन शर्मा आदि रहे।
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युकां के लोकसभा कोऑर्डिनेटर मो. नाजिम ने कहा कि केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल है। गांव के मजदूर, किसान, नौजवान, सीमा पर जवान सभी सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा भुगत रहे हैं। प्रदेश महासचिव वसीम अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री विजय माल्या, ललित मोदी और नीरव मोदी जैसे लोग हजारों करोड़ लेकर विदेश भाग जा रहे हैं और देश के चौकीदार मौन हैं। चुप्पी कहीं ना कहीं मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है। लोकसभा अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि यदि भारत का नौजवान या किसान अपनी जीविका चलाने या खेतीबारी के लिए एक लाख या 50 हजार कर्ज लेता है और समय पर नहीं चुका पाता तो सरकार और बैंक उन नौजवानों और किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार करते हैं, जैसे उन्होंने कोई बड़ा अपराध कर दिया हो। मजबूरन उन्हें आत्महत्या करनी पड़ती है। दूसरी ओर पूंजीपति कर्ज लेकर करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं तो भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा। हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में नौजवानों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया। इस मौके पर मनोज नारायण, सुरेश चौहान, राजेश यादव, प्रीतम कौशल, अरुण गौतम, शमशेर अली, विनोद गुप्ता, गोलू भाई, आशीष यादव, युवराज सिंह, रंजीत साहू, राजन शर्मा आदि रहे।
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