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जान जोखिम में डाल कर पढ़ते हैं नौनिहाल
Updated Tue, 13 Feb 2018 01:28 AM IST
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लालानगर। गोपीगंज नगर के मिर्जापुर रोड पर स्थित प्राथमिक विद्यालय काली मोहाल का भवन जर्जर हो चुका है। इसकी छत और दीवारें कब भरभरा जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता। यहां 157 बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। शिक्षकों की ओर से कई बार पत्र लिखने के बाद भी विभाग ने बेफिक्र बना हुआ है। इसको लेकर अभिभावकों में नाराजगी है।
प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार की तरफ से भले ही तमाम प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन जिले के विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। जिले में कई विद्यालयों की हालत खस्ता है। भवन जर्जर हो चुके हैं तो टॉयलेट और पानी तक की व्यवस्था नहीं है लेकिन शिक्षा विभाग को कोई फिक्र नहीं है। प्राथमिक विद्यालय काली महाल की भी ऐसी ही हालत है। यह विद्यालय सन 1972 में बना था। करीब चार दशक पुराने स्कूल की मरम्मत न होने से छत टूटकर गिरने लगी है। बारिश में पानी टपकने से पठन-पाठन बड़ी मुश्किल से होता है। दीवारें भी जगह-जगह से उखड़ने लगी हैं। शिक्षा विभाग और प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो कभी हादसा हो सकता है। इस बारे में बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव का कहना है कि बीआरसी से रिपोर्ट मंगवाकर विद्यालय की मरम्मत के लिए कदम उठाए जाएंगे।
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प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार की तरफ से भले ही तमाम प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन जिले के विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। जिले में कई विद्यालयों की हालत खस्ता है। भवन जर्जर हो चुके हैं तो टॉयलेट और पानी तक की व्यवस्था नहीं है लेकिन शिक्षा विभाग को कोई फिक्र नहीं है। प्राथमिक विद्यालय काली महाल की भी ऐसी ही हालत है। यह विद्यालय सन 1972 में बना था। करीब चार दशक पुराने स्कूल की मरम्मत न होने से छत टूटकर गिरने लगी है। बारिश में पानी टपकने से पठन-पाठन बड़ी मुश्किल से होता है। दीवारें भी जगह-जगह से उखड़ने लगी हैं। शिक्षा विभाग और प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो कभी हादसा हो सकता है। इस बारे में बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव का कहना है कि बीआरसी से रिपोर्ट मंगवाकर विद्यालय की मरम्मत के लिए कदम उठाए जाएंगे।
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