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31 के बाद ढहाया जाएगा अवैध बेसमेंट
Updated Tue, 30 Jan 2018 02:09 AM IST
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वाराणसी। दालमंडी में अवैध ढंग से बनाया गया बेसमेंट समेत 140 दुकानें आखिरकार ढहाई जाएंगी। वीडीए सचिव विशाल सिंह का कहना है कि 31 जनवरी को मुख्यमंत्री के दौरे के बाद अवैध निर्माण को ढहाने की कार्रवाई शुरू होगी।
बेसमेंट ढहाने के खिलाफ अपील को मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने खारिज कर दिया है। इसी के साथ बेसमेंट को लेकर तीन साल से लंबित प्रकरण में चल रही उठापठक खत्म हो गई। बेसमेंट प्रकरण में खारिज अपील की कापी सोमवार दोपहर वीडीए कार्यालय पहुंच गई। अब वीडीए 31 जनवरी को मुख्यमंत्री दौरे के बाद एक फरवरी से उसे ढहाने की कार्रवाई करेगा। गौरतलब है 25 जनवरी को प्रकरण की सुनवाई के बाद मंडलायुक्त ने आदेश सुरक्षित कर लिया था। बेसमेंट सहित 140 दुकानें दालमंडी में हैं।
दालमंडी जैसे सघन बाजार में नौ हजार वर्ग फीट में चोरी छिपे बेसमेंट तैयार कर लिया गया। इसका निर्माण फरवरी 2013 में शुरू हुआ था। तब वीडीए ने भवन को सील कर अगस्त 2014 में ध्वस्तीकरण का आदेश कर दिया। भवन स्वामी ने मंडलायुक्त के यहां अपील कर दी। तब से मामला लटका था। 25 जनवरी को सुनवाई के बाद वीडीए को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि साक्ष्य के अभाव में शमनीय नहीं माना जा सकता। ऐसी स्थित में अपील में कोई बल प्रतीत नहीं होता और अपील निरस्त की जाती है। विकास प्राधिकरण अपने पूर्व पारित आदेश के क्रम में आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करे।
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फरवरी 2013 में भवन स्वामी ने निर्माण शुरू कराया था। तब निर्माण रोकने केलिए नोटिस भी जारी किया था। इसकी सूचना 14 फरवरी को चौक थाने पर भी दी गई थी। लेकिन रात में निर्माण होने की आशंका पर 10 जुलाई 2013 और जून 2014 को तत्कालीन एसएसपी को चोरी छिपे निर्माण पर रोेक केलिए दो बार पत्र लिखा गया था। इसके बाद जून 2014 में भवन को सील कर दिया गया और अगस्त में ध्वस्तीकरण का आदेश दे दिया। इस बीच भवन स्वामी आयुक्त न्यायालय में अपील कर दी। मार्च 2015 में आयुक्त न्यायालय को वीडीए ने भवन से जुड़ी पत्रावली उपलब्ध करा दी गई। लेकिन तब से अब तक आयुक्त न्यायालय की ओर से भवन के निर्माण स्थगनादेश पारित किए जाने और अपील का निस्तारण किए जाने संबंधी कोई फाइल वीडीए को नहीं मिल पाई है। जिसके चलते ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं हो पाई।
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बेसमेंट ढहाने के खिलाफ अपील को मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने खारिज कर दिया है। इसी के साथ बेसमेंट को लेकर तीन साल से लंबित प्रकरण में चल रही उठापठक खत्म हो गई। बेसमेंट प्रकरण में खारिज अपील की कापी सोमवार दोपहर वीडीए कार्यालय पहुंच गई। अब वीडीए 31 जनवरी को मुख्यमंत्री दौरे के बाद एक फरवरी से उसे ढहाने की कार्रवाई करेगा। गौरतलब है 25 जनवरी को प्रकरण की सुनवाई के बाद मंडलायुक्त ने आदेश सुरक्षित कर लिया था। बेसमेंट सहित 140 दुकानें दालमंडी में हैं।
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दालमंडी जैसे सघन बाजार में नौ हजार वर्ग फीट में चोरी छिपे बेसमेंट तैयार कर लिया गया। इसका निर्माण फरवरी 2013 में शुरू हुआ था। तब वीडीए ने भवन को सील कर अगस्त 2014 में ध्वस्तीकरण का आदेश कर दिया। भवन स्वामी ने मंडलायुक्त के यहां अपील कर दी। तब से मामला लटका था। 25 जनवरी को सुनवाई के बाद वीडीए को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि साक्ष्य के अभाव में शमनीय नहीं माना जा सकता। ऐसी स्थित में अपील में कोई बल प्रतीत नहीं होता और अपील निरस्त की जाती है। विकास प्राधिकरण अपने पूर्व पारित आदेश के क्रम में आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करे।
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फरवरी 2013 में भवन स्वामी ने निर्माण शुरू कराया था। तब निर्माण रोकने केलिए नोटिस भी जारी किया था। इसकी सूचना 14 फरवरी को चौक थाने पर भी दी गई थी। लेकिन रात में निर्माण होने की आशंका पर 10 जुलाई 2013 और जून 2014 को तत्कालीन एसएसपी को चोरी छिपे निर्माण पर रोेक केलिए दो बार पत्र लिखा गया था। इसके बाद जून 2014 में भवन को सील कर दिया गया और अगस्त में ध्वस्तीकरण का आदेश दे दिया। इस बीच भवन स्वामी आयुक्त न्यायालय में अपील कर दी। मार्च 2015 में आयुक्त न्यायालय को वीडीए ने भवन से जुड़ी पत्रावली उपलब्ध करा दी गई। लेकिन तब से अब तक आयुक्त न्यायालय की ओर से भवन के निर्माण स्थगनादेश पारित किए जाने और अपील का निस्तारण किए जाने संबंधी कोई फाइल वीडीए को नहीं मिल पाई है। जिसके चलते ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं हो पाई।