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मंदिर कॉरिडोर का दायरा 15 हजार वर्ग मीटर बढ़ा
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वाराणसी। 25 हजार वर्ग मीटर में बनने वाले काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का क्षेत्रफल 15 हजार वर्ग मीटर और बढ़ गया है। इससे कॉरिडोर का कुल क्षेत्रफल 39, 310 वर्ग मीटर हो गया है। अतिरिक्त खरीदे गए भवन गिराने का कार्य भी शुरू हो गया है। इस पूरे कॉरिडोर की प्रगति रिपोर्ट दो दिन पहले काशी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दिखाई गई थी।
काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मणिकर्णिका घाट और मीर घाट से लेकर मंदिर तक बनने वाले कॉरिडोर का क्षेत्रफल शुरुआत में 25 हजार वर्ग मीटर था। इसके लिए भवनों की खरीद शुरू हुई तो कई अन्य लोग स्वेच्छा से कॉरिडोर के लिए अपने घर बेंचने पर सहमत हो गए। वहीं, छत्ता द्वार के पास प्रवेश द्वार के चौड़ीकरण के लिए मंदिर प्रशासन ने कई घरों का नया प्रस्ताव तैयार कराया। जब सभी खरीदे गए भवनों का सीमांकन कराया गया तो कॉरिडोर का वास्तविक क्षेत्रफल 39,310 वर्ग मीटर तक पहुंच गया। अब इस दायरे में आने वाले भवनों को गिराने का काम किया जा रहा है। इस नए परिसर में जालान का शोरूम, कारमाइकल पुस्तकालय, एलआईयू कार्यालय सहित कई अन्य भवन शामिल हो गए हैं। एसडीएम विनोद सिंह ने बताया कि नए भवन खरीदे जाने के बाद दायरा बढ़ गया है।
कॉरिडोर का क्षेत्रफल बढ़ने से गेट नंबर चार और गेट नंबर पांच का प्रवेश द्वार चौड़ा हो जाएगा। ज्ञानवापी के पास भी एक बड़ा परिसर मिल जाएगा। कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के खड़े होने के लिए बनने वाले परिसर का दायरा भी बढ़ जाएगा।
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मंदिर प्रशासन सिक्योरिटी सिस्टम को और मजबूत करने जा रहा है। इसके लिए अलग से वाकी टॉकी सिस्टम लगाया जा रहा है, इससे गंगा घाट से मंदिर तक का पूरा क्षेत्र कवरेज में रहेगा और एक बार में ही सभी को दिशा-निर्देश जारी किए जा सकेंगे। यह वॉकी टॉकी मंदिर के कर्मचारियों के पास रहेंगे।
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काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मणिकर्णिका घाट और मीर घाट से लेकर मंदिर तक बनने वाले कॉरिडोर का क्षेत्रफल शुरुआत में 25 हजार वर्ग मीटर था। इसके लिए भवनों की खरीद शुरू हुई तो कई अन्य लोग स्वेच्छा से कॉरिडोर के लिए अपने घर बेंचने पर सहमत हो गए। वहीं, छत्ता द्वार के पास प्रवेश द्वार के चौड़ीकरण के लिए मंदिर प्रशासन ने कई घरों का नया प्रस्ताव तैयार कराया। जब सभी खरीदे गए भवनों का सीमांकन कराया गया तो कॉरिडोर का वास्तविक क्षेत्रफल 39,310 वर्ग मीटर तक पहुंच गया। अब इस दायरे में आने वाले भवनों को गिराने का काम किया जा रहा है। इस नए परिसर में जालान का शोरूम, कारमाइकल पुस्तकालय, एलआईयू कार्यालय सहित कई अन्य भवन शामिल हो गए हैं। एसडीएम विनोद सिंह ने बताया कि नए भवन खरीदे जाने के बाद दायरा बढ़ गया है।
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कॉरिडोर का क्षेत्रफल बढ़ने से गेट नंबर चार और गेट नंबर पांच का प्रवेश द्वार चौड़ा हो जाएगा। ज्ञानवापी के पास भी एक बड़ा परिसर मिल जाएगा। कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के खड़े होने के लिए बनने वाले परिसर का दायरा भी बढ़ जाएगा।
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मंदिर प्रशासन सिक्योरिटी सिस्टम को और मजबूत करने जा रहा है। इसके लिए अलग से वाकी टॉकी सिस्टम लगाया जा रहा है, इससे गंगा घाट से मंदिर तक का पूरा क्षेत्र कवरेज में रहेगा और एक बार में ही सभी को दिशा-निर्देश जारी किए जा सकेंगे। यह वॉकी टॉकी मंदिर के कर्मचारियों के पास रहेंगे।