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अपनों से मिलकर छलक पड़ी आंखें
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सारनाथ। पांच माह पूर्व गायब महिला जब परिवार वालों से मिली तो आंखे छलक पड़ीं। भागलपुर बिहार की एक महिला भटक कर काशी आ गई थीं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले को जब अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा तो रिश्तेदारों ने अखबार पढ़कर परिजनों को सूचना दी। बुधवार को परिवार वाले काशी पहुंचे और महिला को घर ले गए।
आज से 10 दिन पूर्व सारनाथ के हवेलिया चौराहे पर सड़क पर पड़ी एक महिला को हवेलिया के निजी अस्पताल में भर्ती करा के कुछ लोग गायब हो गए थे। जहां से पुन: वह बीमार महिला सड़क पर आ गई थी। इस महिला पर सत्येंद्र शर्मा और उनकी पत्नी की नजर पड़ी। महिला को उन्होंने आशा ज्योति केंद्र ले जाकर भर्ती कराया। कुछ दिन बाद समाजसेवी सत्येंद्र शर्मा के प्रयास से इस महिला को पंडित दीनदयाल चिकित्सालय में भर्ती कराया। ये खबर अमर उजाला के तीन फरवरी के अंक में प्रकाशित हुई थी। समाचार पढ़कर भागलपुर बिहार निवासी रीना पोद्दार के अभिभावकों को पता चला तो वह पंडित दीनदयाल ट्रॉमा सेंटर आकर संपर्क किया, जहां उन्हें रीना मिली। सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि मैंने नि:स्वार्थ भाव से सेवा की है। रीना पोद्दार आज से पांच माह पूर्व घर से निकल गई थी।
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आज से 10 दिन पूर्व सारनाथ के हवेलिया चौराहे पर सड़क पर पड़ी एक महिला को हवेलिया के निजी अस्पताल में भर्ती करा के कुछ लोग गायब हो गए थे। जहां से पुन: वह बीमार महिला सड़क पर आ गई थी। इस महिला पर सत्येंद्र शर्मा और उनकी पत्नी की नजर पड़ी। महिला को उन्होंने आशा ज्योति केंद्र ले जाकर भर्ती कराया। कुछ दिन बाद समाजसेवी सत्येंद्र शर्मा के प्रयास से इस महिला को पंडित दीनदयाल चिकित्सालय में भर्ती कराया। ये खबर अमर उजाला के तीन फरवरी के अंक में प्रकाशित हुई थी। समाचार पढ़कर भागलपुर बिहार निवासी रीना पोद्दार के अभिभावकों को पता चला तो वह पंडित दीनदयाल ट्रॉमा सेंटर आकर संपर्क किया, जहां उन्हें रीना मिली। सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि मैंने नि:स्वार्थ भाव से सेवा की है। रीना पोद्दार आज से पांच माह पूर्व घर से निकल गई थी।
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