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पृथ्वी बचाने को प्रदूषण से लड़नी होगी जंग0
Updated Mon, 23 Apr 2018 02:04 AM IST
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वाराणसी। तेजी से बढ़ रहा प्रदूषण धरती के लिए खतरनाक संदेश दे रहा है, मगर इस गंभीर खतरे को लेकर वाराणसी में कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। 22 अप्रैल को दुनियाभर में पृथ्वी दिवस मनाया जा रहा है, मगर एक बात साफ है कि पृथ्वी को बचाने के लिए प्रदूषण से जंग लड़नी होगी। इसके बिना यह पूरे प्रयास बेमानी होंगे। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर जल, जंगल और जमीन के स्वरूप पर विचार किया जा रहा है। मगर, वाराणसी में जल, वायु और मृदा प्रदूषण के स्तर चिंताजनक स्थिति में है।
शहर की आबोहवा मानक से 10 गुना ज्यादा प्रदूषित हो गई है। शनिवार को एक्यूआई 439 रहा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक़ आज भी प्रदूषण का स्तर 400 के पार ही रहेगा। विद्यापीठ के कुलपति पृथ्वीश नाग बताते हैं कि पृथ्वी एक बहुत व्यापक शब्द है, इसमें जल, हरियाली, वन्यप्राणी, प्रदूषण और इससे जुड़े अन्य कारक भी शामिल हैं। धरती को बचाने का आशय है, इन सभी की रक्षा के लिए पहल करना। उन्होंने बताया कि प्रकृति से मिले संसाधनों को लेकर हमें सतर्क रहना होगा। प्राकृतिक संसाधनों का जनसंख्या से बैलेंस बनाना होगा। अनियोजित विकास और केमिकल आदि की अधिकता से भी जल, वायु और मृदा प्रदूषण बढ़ रहा, जो पृथ्वी के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
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शहर की आबोहवा मानक से 10 गुना ज्यादा प्रदूषित हो गई है। शनिवार को एक्यूआई 439 रहा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक़ आज भी प्रदूषण का स्तर 400 के पार ही रहेगा। विद्यापीठ के कुलपति पृथ्वीश नाग बताते हैं कि पृथ्वी एक बहुत व्यापक शब्द है, इसमें जल, हरियाली, वन्यप्राणी, प्रदूषण और इससे जुड़े अन्य कारक भी शामिल हैं। धरती को बचाने का आशय है, इन सभी की रक्षा के लिए पहल करना। उन्होंने बताया कि प्रकृति से मिले संसाधनों को लेकर हमें सतर्क रहना होगा। प्राकृतिक संसाधनों का जनसंख्या से बैलेंस बनाना होगा। अनियोजित विकास और केमिकल आदि की अधिकता से भी जल, वायु और मृदा प्रदूषण बढ़ रहा, जो पृथ्वी के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
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