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कहवां के पियर माटी, कहवां के कोदार ...
Updated Tue, 13 Feb 2018 03:12 AM IST
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वाराणसी। ‘कहवां के पियर माटी, कहवां के कोदार, कहवां क सात सुहागिन मोटी कोड़े जाए हो...’ ऐसे मंगल गीतों से सोमवार को रेड जोन स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ. कुलपति तिवारी का आवास गूंज उठा। अवसर था, काशीपुराधिपति की मटमंगरा की रस्म का। बाबा की पंचबदन रजत प्रतिमा का लग्नानुसार मटमंगरा किया गया। इस दौरान महंत आवास में मंगल गीत गूंजते रहे।
मटमंगरा की रस्म के बाद विवाह की वेदी तैयार की गई। मटमंगरा की रस्म के दौरान प्रख्यात ठुमरी साम्राज्ञी स्व. गिरिजा देवी की शिष्या ममता शर्मा ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए। महाशिवरात्रि पर मंगलवार को काशीपुराधिपति का विवाहोत्सव मनाया जाएगा। मान्यता यह है कि इस अद्भुत क्षण के साक्षी केवल काशीवासी ही नहीं बल्कि पूरा देवलोक होता है। महाशिवरात्रि पर देवों के देव महादेव की रात की चारों पहर की आरती पूरे विधि-विधान से होती है।
एकादशी पर गौने आएंगी गौरा
शिवरात्रि पर बाबा का विवाहोत्सव मनाया जाएगा। फिर रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ गौरा के गौने की रस्म के लिए निकलते हैं। महंत आवास से बाबा विश्वनाथ, मां पार्वती के रजत विग्रत के साथ भव्य पालकी शोभायात्रा निकलती है। रजत पालकी पर भगवान प्रथमेश भी विराजते हैं। महंत कुलपति तिवारी ने बताया कि इस वर्ष गौने को और भव्यता दी जाएगी। 26 फरवरी को यह पारंपरिक उत्सव मनाया जाएगा।
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मटमंगरा की रस्म के बाद विवाह की वेदी तैयार की गई। मटमंगरा की रस्म के दौरान प्रख्यात ठुमरी साम्राज्ञी स्व. गिरिजा देवी की शिष्या ममता शर्मा ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए। महाशिवरात्रि पर मंगलवार को काशीपुराधिपति का विवाहोत्सव मनाया जाएगा। मान्यता यह है कि इस अद्भुत क्षण के साक्षी केवल काशीवासी ही नहीं बल्कि पूरा देवलोक होता है। महाशिवरात्रि पर देवों के देव महादेव की रात की चारों पहर की आरती पूरे विधि-विधान से होती है।
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एकादशी पर गौने आएंगी गौरा
शिवरात्रि पर बाबा का विवाहोत्सव मनाया जाएगा। फिर रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ गौरा के गौने की रस्म के लिए निकलते हैं। महंत आवास से बाबा विश्वनाथ, मां पार्वती के रजत विग्रत के साथ भव्य पालकी शोभायात्रा निकलती है। रजत पालकी पर भगवान प्रथमेश भी विराजते हैं। महंत कुलपति तिवारी ने बताया कि इस वर्ष गौने को और भव्यता दी जाएगी। 26 फरवरी को यह पारंपरिक उत्सव मनाया जाएगा।
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