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गबन में फंसे प्रधान और पूर्व सेक्रेटरी
Updated Thu, 08 Feb 2018 01:12 AM IST
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ज्ञानपुर। डीघ ब्लॉक क्षेत्र के कलिक मवैया गांव के ग्राम प्रधान और पूर्व ग्राम विकास अधिकारी सरकारी धन के गबन में फंस गए हैं। गांव में शौचालय निर्माण के लिए जारी धनराशि में खूब बंदरबांट की गई है। दोनों को 3.85 लाख रुपये के गबन का दोषी पाया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने दोनों को नोटिस जारी किया है।
डीघ ब्लॉक क्षेत्र के गांव कलिक मवैया में शौचालय निर्माण के लिए जारी धन की बंदरबांट हुई है। गांव में बड़ी संख्या में शौचालय निर्माण का काम होना था, लेकिन ज्यादातर शौचालय अधूरे रह गए। ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच का निर्देश दिया। इसके बाद जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतोष कुमार से मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान गांव में 38 शौचालय अपूर्ण पाए गए। जबकि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी शौचालय निर्माण की मद में तीन लाख 85 हजार 464 रुपये का हिसाब नहीं दे सके। इस पर दोनों को विकास के धन के गबन का दोषी पाया गया। इसके बाद जांच अधिकारी ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। जिलाधिकारी विशाख जी ने रिपोर्ट मिलने के बाद प्रधान और सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया है। बता दें कि गांव के ग्राम विकास अधिकारी राधारमण सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि ग्राम प्रधान शिवमोहन ने कहा कि विरोधी राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने कुचक्र रच रहे हैं। शौचालय निर्माण में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों के धन की अनियमितता में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ी तो धन की रिकवरी भी कराई जाएगी।
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डीघ ब्लॉक क्षेत्र के गांव कलिक मवैया में शौचालय निर्माण के लिए जारी धन की बंदरबांट हुई है। गांव में बड़ी संख्या में शौचालय निर्माण का काम होना था, लेकिन ज्यादातर शौचालय अधूरे रह गए। ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच का निर्देश दिया। इसके बाद जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतोष कुमार से मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान गांव में 38 शौचालय अपूर्ण पाए गए। जबकि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी शौचालय निर्माण की मद में तीन लाख 85 हजार 464 रुपये का हिसाब नहीं दे सके। इस पर दोनों को विकास के धन के गबन का दोषी पाया गया। इसके बाद जांच अधिकारी ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। जिलाधिकारी विशाख जी ने रिपोर्ट मिलने के बाद प्रधान और सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया है। बता दें कि गांव के ग्राम विकास अधिकारी राधारमण सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि ग्राम प्रधान शिवमोहन ने कहा कि विरोधी राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने कुचक्र रच रहे हैं। शौचालय निर्माण में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों के धन की अनियमितता में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ी तो धन की रिकवरी भी कराई जाएगी।
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