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विवाद के बीच दी गई संत लाल बाबा को समाधि
Updated Mon, 15 Jan 2018 01:28 AM IST
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सुरियावां। संकट मोचन संस्कृत महाविद्यालय नेता नगर के प्रबंधक और अनुदान विहीन संस्कृत विद्यालय विकास समिति उत्तर प्रदेश के संरक्षक स्वामी राघवेंद्रानंद सरस्वती लाल बाबा (72) शनिवार रात को ब्रह्मलीन हो गए। उनके समाधि को लेकर रविवार को घंटो विवाद चला हालांकि महाविद्यालय के दक्षिणी छोर पर समाधि देने को लेकर सभी राजी हुए।
11 जनवरी को संत लाल बाबा की तबियत खराब हो गई। उन्हें भदोही के निजी अस्पताल में भर्ती कराया । वहां हालत चिंताजनक होने पर बीएचयू भर्ती कराया गया। शनिवार शाम को वह विद्यालय स्थित आवास पर आए। देर रात उनका निधन हो गया। रविवार को समाधि के लिए विद्यालय परिवार के लोग मंदिर परिसर में गढ्ढा खोद रहे थे, कि परिसर से सटे हुए मकानों का ठीक पिछवाड़ा होने के कारण लोगों ने समाधि खोदने पर विरोध करना शुरू कर दिया और गढ्ढा भी पाटना शुरू कर दिया। समाधि स्थल का ऌविरोध होने पर विद्यालय परिवार ने निर्णय लेकर विद्यालय परिसर में ही महाविद्यालय के पास समाधि के लिए जगह निश्चित किया। लाल बाबा का पार्थिव शरीर उनके मूल निवास नहरपुर गांव, थाना महराजगंज, तहसील बदलापुर, जिला जौनपुर अंतिम दर्शन के लिए ले जाया गया। पार्थिव शरीर घर से आने के बाद शाम को महाविद्यालय के पास की जमीन पर पूजा पाठ के साथ समाधि दी गई। इस मौके पर कमलेश चंद्र उपाध्याय, मिठाईलाल दुबे, राय चंद्र उपाध्याय, महेंद्र नाथ मिश्र, संजय कुमार गुप्ता, प्रकाश चंद्र शुक्ला, इंद्रमणि तिवारी, ररजनीश, ए के सिंह, सभापति तिवारी, संदीप मिश्रा, शिव प्रकाश गुप्ता, सत्यम पांडेय, शिव कुमार पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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11 जनवरी को संत लाल बाबा की तबियत खराब हो गई। उन्हें भदोही के निजी अस्पताल में भर्ती कराया । वहां हालत चिंताजनक होने पर बीएचयू भर्ती कराया गया। शनिवार शाम को वह विद्यालय स्थित आवास पर आए। देर रात उनका निधन हो गया। रविवार को समाधि के लिए विद्यालय परिवार के लोग मंदिर परिसर में गढ्ढा खोद रहे थे, कि परिसर से सटे हुए मकानों का ठीक पिछवाड़ा होने के कारण लोगों ने समाधि खोदने पर विरोध करना शुरू कर दिया और गढ्ढा भी पाटना शुरू कर दिया। समाधि स्थल का ऌविरोध होने पर विद्यालय परिवार ने निर्णय लेकर विद्यालय परिसर में ही महाविद्यालय के पास समाधि के लिए जगह निश्चित किया। लाल बाबा का पार्थिव शरीर उनके मूल निवास नहरपुर गांव, थाना महराजगंज, तहसील बदलापुर, जिला जौनपुर अंतिम दर्शन के लिए ले जाया गया। पार्थिव शरीर घर से आने के बाद शाम को महाविद्यालय के पास की जमीन पर पूजा पाठ के साथ समाधि दी गई। इस मौके पर कमलेश चंद्र उपाध्याय, मिठाईलाल दुबे, राय चंद्र उपाध्याय, महेंद्र नाथ मिश्र, संजय कुमार गुप्ता, प्रकाश चंद्र शुक्ला, इंद्रमणि तिवारी, ररजनीश, ए के सिंह, सभापति तिवारी, संदीप मिश्रा, शिव प्रकाश गुप्ता, सत्यम पांडेय, शिव कुमार पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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