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ठंड के सितम से हर कोई बेदम
Updated Fri, 05 Jan 2018 01:29 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। करीब एक सप्ताह से पड़ रही ठंड कम होती नहीं दिख रही है। घने कोहरे संग सर्द हवाओं से जनजीवन ठिठुर गया है। गलन से हाथ-पैर तक सुन्न हो जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद कोहरा छंटने के बाद धूप निकली, लेकिन गलन से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। ठंड के चलते अस्पतालों में कोल्ड डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में शीतलहर का रूप ले चुकी है। गुजरते साल के अंतिम दो दिनों से शुरू हुई ठंड नए साल के चौथे दिन लोगों को कंपकंपी छुड़ाती रही। तीन दिनों तक जहां सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए, वहीं दो दिनों से दोपहर बाद आसमान साफ हो रहा है, लेकिन बृहस्पतिवार को सूरज की किरणें गलन के आगे निष्प्रभावी रहीं। घरों से बाहर निकलने वाले लोग गलन भरी सर्द हवाओं से लोग रहे हैं। गर्म कपड़े पहनने के साथ ही गर्म चीजों का भी सेवन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार रात को न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक पहुंच गया। रात में कोहरे संग गलन के चलते किसान गेहूं की सिंचाई से भी परहेज करने लगे हैं। ठंड के चलते ज्ञानपुर, सुरियावां, चौरी समेत अन्य बाजारों में शाम सात बजे के बाद ही सन्नाटा सा पसर जा रहा है। वहीं दूसरी ओर ठंड से लोग कोल्ड डायरिया की चपेट में आ जा रहे हैं। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन के अलावा लोग निजी तौर पर अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं। बुजुर्गों के लिए यह मौसम मानो आफत लेकर आ गया है। कई दिनों से कोहरे और गलन को लेकर लोग चिंतित हैं। बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में 654 पर्चियां कटीं और इमर्जेंसी में 28 मरीज भर्ती कराए गए। इनमें से ज्यादातर ठंड से पीड़ित थे। डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ठंड में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष तौर पर बचाने की जरूरत है।
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पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में शीतलहर का रूप ले चुकी है। गुजरते साल के अंतिम दो दिनों से शुरू हुई ठंड नए साल के चौथे दिन लोगों को कंपकंपी छुड़ाती रही। तीन दिनों तक जहां सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए, वहीं दो दिनों से दोपहर बाद आसमान साफ हो रहा है, लेकिन बृहस्पतिवार को सूरज की किरणें गलन के आगे निष्प्रभावी रहीं। घरों से बाहर निकलने वाले लोग गलन भरी सर्द हवाओं से लोग रहे हैं। गर्म कपड़े पहनने के साथ ही गर्म चीजों का भी सेवन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार रात को न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक पहुंच गया। रात में कोहरे संग गलन के चलते किसान गेहूं की सिंचाई से भी परहेज करने लगे हैं। ठंड के चलते ज्ञानपुर, सुरियावां, चौरी समेत अन्य बाजारों में शाम सात बजे के बाद ही सन्नाटा सा पसर जा रहा है। वहीं दूसरी ओर ठंड से लोग कोल्ड डायरिया की चपेट में आ जा रहे हैं। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन के अलावा लोग निजी तौर पर अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं। बुजुर्गों के लिए यह मौसम मानो आफत लेकर आ गया है। कई दिनों से कोहरे और गलन को लेकर लोग चिंतित हैं। बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में 654 पर्चियां कटीं और इमर्जेंसी में 28 मरीज भर्ती कराए गए। इनमें से ज्यादातर ठंड से पीड़ित थे। डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ठंड में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष तौर पर बचाने की जरूरत है।
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