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कैसे दें ओडीएफ का तोहफा, 35 प्रतिशत का अधूरा
Updated Mon, 13 Nov 2017 01:54 AM IST
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वाराणसी। जिला में जिस सुस्ती से शौचालयों का निर्माण चल रहा है उससे तो कम उम्मीद है कि प्रशासन नए साल में पीएम नरेंद्र मोदी को पूरे जिले को ओडीएफ का तोहफा दे पाएगा। आठ ब्लाकों में से अब काशी विद्यापीठ को ही पूरी ओडीएफ घोषित किया गया है। हरहुआ को भले ही ओडीएफ घोषित किया गया है लेकिन वहां भी अभी करीब बीस प्रतिशत काम बचा हुआ है। अन्य छह ब्लाकों में भी तकरीबन 65 से 70 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है।
शासन ने बीते दो अक्तूबर तक काशी विद्यापीठ और हरहुआ ब्लाक को खुले में शौच मुक्त घोषित करने का लक्ष्य दिया था लेकिन जिला पंचायत राज विभाग समय सीमा के अंदर काम पूरा नहीं कर पाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने पिछले दौरे में इन दो ब्लाकों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया था। हालांकि इसके बाद भी हरहुआ ब्लाक में शौचालय बनाने का काम पूरा होता रहा। वहां करीब बीस प्रतिशत काम बचा हुआ है। अन्य छह ब्लाकों में भी जो काम चल रहा है उसकी गति बेहद सुस्त है। सूत्रों की मानें तो बजट के अभाव में काम सुस्त पड़ा है। जिले प्रशासन की ओर से शासन से सौ करोड़ की मांग की गई लेकिन बजट जारी नहीं हुआ है। हालांकि पूर्व के बजट के ही अभी काम चलाया जा रहा है।
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शासन ने बीते दो अक्तूबर तक काशी विद्यापीठ और हरहुआ ब्लाक को खुले में शौच मुक्त घोषित करने का लक्ष्य दिया था लेकिन जिला पंचायत राज विभाग समय सीमा के अंदर काम पूरा नहीं कर पाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने पिछले दौरे में इन दो ब्लाकों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया था। हालांकि इसके बाद भी हरहुआ ब्लाक में शौचालय बनाने का काम पूरा होता रहा। वहां करीब बीस प्रतिशत काम बचा हुआ है। अन्य छह ब्लाकों में भी जो काम चल रहा है उसकी गति बेहद सुस्त है। सूत्रों की मानें तो बजट के अभाव में काम सुस्त पड़ा है। जिले प्रशासन की ओर से शासन से सौ करोड़ की मांग की गई लेकिन बजट जारी नहीं हुआ है। हालांकि पूर्व के बजट के ही अभी काम चलाया जा रहा है।
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