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नहाय खाय के साथ सूर्योपासना का महापर्व आज से
Updated Tue, 24 Oct 2017 02:26 AM IST
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वाराणसी। भगवान सूर्य की आराधना के महापर्व डाला छठ की शुरुआत मंगलवार से हो जाएगी। इस चार दिवसीय व्रत-अनुष्ठान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। घरों से पावन नदी-सरोवर तटों तक पूरी साफ-सफाई और पवित्रता के साथ तैयारियों को अंतिम रूप देने में श्रद्धालु तल्लीन नजर आए। गंगा और वरुणा तट के अलावा कुंडों और सरोवरों पर छठ पूजन के लिए वेदियां सजाई गईं। तटों पर साफ-सफाई कर श्रद्धालु अपने-अपने के लिए जगह आरक्षित करने में जुटे रहे। गंगा तट पर जगह-जगह सिल्ट जमा होने से श्रद्धालु परेशान नजर आए। सिल्ट की सफाई न होने से किनारों पर जबरदस्त फिसलन और कीचड़ ने मुसीबत खड़ी कर दी है।
डाला छठ के महापर्व की शुरुआत 24 अक्तूबर को नहाय-खाय के साथ होगी। 25 अक्तूबर को खरना और 26 अक्तूबर की शाम अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के लिए व्रतियों और उनके परिवारीजनों का रेला नदी-सरोवर तटों पर उमड़ेगा। डाल सजाकर आस्थावान घरों से निकलेंगे। छठी मइया के गीत गाते आस्थावानों की टोलियां नदी-सरोवर तटों पर पहुंचेंगी और फिर देर रात तक छठ उत्सव की अनूठी छटा निखरेगी। 27 अक्तूबर की सुबह उदीयमान भगवान सूर्य अर्घ्य देने के बाद व्रत का सविधि पारण होगा।
मंगलवार को देर शाम तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाता रहा। पूजन सामग्री और फलों की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ी रही। गंगा और वरुणा के घाटों, डीरेका के सूर्य सरोवर, कुंडों और तालाब के किनारों पर साफ-सफाई और वेदी बनाने का सिलसिला जारी रहा। बाहर रहने वाले परिवारीजनों के छठ पूजा पर घर आने का सिलसिला तेज हो गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर छठ पूजन के लिए घर आने वालों की भीड़ लगी रही। यात्रियों के दबाव को देखते हुए पूजा स्पेशल ट्रेन के अलावा अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं।
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डाला छठ के महापर्व की शुरुआत 24 अक्तूबर को नहाय-खाय के साथ होगी। 25 अक्तूबर को खरना और 26 अक्तूबर की शाम अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के लिए व्रतियों और उनके परिवारीजनों का रेला नदी-सरोवर तटों पर उमड़ेगा। डाल सजाकर आस्थावान घरों से निकलेंगे। छठी मइया के गीत गाते आस्थावानों की टोलियां नदी-सरोवर तटों पर पहुंचेंगी और फिर देर रात तक छठ उत्सव की अनूठी छटा निखरेगी। 27 अक्तूबर की सुबह उदीयमान भगवान सूर्य अर्घ्य देने के बाद व्रत का सविधि पारण होगा।
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मंगलवार को देर शाम तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाता रहा। पूजन सामग्री और फलों की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ी रही। गंगा और वरुणा के घाटों, डीरेका के सूर्य सरोवर, कुंडों और तालाब के किनारों पर साफ-सफाई और वेदी बनाने का सिलसिला जारी रहा। बाहर रहने वाले परिवारीजनों के छठ पूजा पर घर आने का सिलसिला तेज हो गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर छठ पूजन के लिए घर आने वालों की भीड़ लगी रही। यात्रियों के दबाव को देखते हुए पूजा स्पेशल ट्रेन के अलावा अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं।
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