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छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करें
Updated Tue, 04 Jul 2017 02:23 AM IST
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वाराणसी। हत्या के मामले में गवाह वादिनी के पुत्र को धमकी देने के मामले में एसीजेएम सप्तम धीरेंद्र सिंह की अदालत ने छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश कोतवाली इंस्पेक्टर को दिया है।
प्रकरण के अनुसार वादिनी सुनीता यादव ने अपने अधिवक्ता त्रिभुवन नारायण शुक्ला के जरिये अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता के तहत याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि 17 अप्रैल 2016 को उसके पुत्र की जहर देकर मोहल्ले के ही रहने वाले अमित जायसवाल व शिवम उर्फ शाश्वत गुप्ता ने हत्या कर दी थी। जिसमें उसका पुत्र अमित यादव व पुत्री ज्योत्सना गवाह है। आरोप है कि वादिनी नौ फरवरी 2017 को अपने पुत्र अमित के साथ रिक्शे से प्रह्लाद घाट अपनी बहन से मिलने जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में जमुना टाकीज के पास मोहल्ले के ही रहने वाले रामबाबू जायसवाल, श्यामल जायसवाल, राजन, राहुल, अमित जायसवाल व शिवम उर्फ शाश्वत गुप्ता ने उनके रिक्शे को रोक लिया। उन लोगों ने गालियां देते हुए कहा कि बहुत गवाही करवा रही हो। एक बेटे की तो हत्या हम लोगों ने कर दी है और अब दूसरे की भी कर देंगे। यह कह कर सभी अमित को मारने-पीटने के साथ रस्सी से उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने लगे। शोर मचाने पर हमलावर अमित के गले से रुद्राक्ष की माला और सोने की चेन नोंच कर वहां से भाग गए। इस मामले में थाने व उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी जब कोई करवाई नही हुई तो वादिनी ने अदालत की शरण ली।
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धोखाधड़ी के आरोपी की जमानत खारिज
वाराणसी। धोखाधड़ी के मामले में आरोपी रोहनिया के गौरा गांव निवासी आरोपी गोपीकृष्ण उपाध्याय की जमानत याचिका सुनवाई के बाद अपर जिला जज अष्टम लोकेश राय की अदालत ने खारिज कर दी। अभियोजन के एडीजीसी रोहित मौर्या के अनुसार वादी संजय श्रीवास्तव ने कोर्ट के आदेश पर रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि वादी ने आरोपी गोपीकृष्ण से गौरा गांव में स्थित एक जमीन का सट्टा 27 फरवरी 2015 को कराया था। उसके एवज में आरोपी को पांच लाख रुपये भी दिए थे लेकिन बाद में पता चला कि उक्त जमीन को आरोपी गोपीकृष्ण वर्ष 2014 में ही किसी को बेच चुका है। इस पर जब वादी अपना पैसा मांगा तो आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए पैसे देने से इंकार कर दिया।
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प्रकरण के अनुसार वादिनी सुनीता यादव ने अपने अधिवक्ता त्रिभुवन नारायण शुक्ला के जरिये अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता के तहत याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि 17 अप्रैल 2016 को उसके पुत्र की जहर देकर मोहल्ले के ही रहने वाले अमित जायसवाल व शिवम उर्फ शाश्वत गुप्ता ने हत्या कर दी थी। जिसमें उसका पुत्र अमित यादव व पुत्री ज्योत्सना गवाह है। आरोप है कि वादिनी नौ फरवरी 2017 को अपने पुत्र अमित के साथ रिक्शे से प्रह्लाद घाट अपनी बहन से मिलने जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में जमुना टाकीज के पास मोहल्ले के ही रहने वाले रामबाबू जायसवाल, श्यामल जायसवाल, राजन, राहुल, अमित जायसवाल व शिवम उर्फ शाश्वत गुप्ता ने उनके रिक्शे को रोक लिया। उन लोगों ने गालियां देते हुए कहा कि बहुत गवाही करवा रही हो। एक बेटे की तो हत्या हम लोगों ने कर दी है और अब दूसरे की भी कर देंगे। यह कह कर सभी अमित को मारने-पीटने के साथ रस्सी से उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने लगे। शोर मचाने पर हमलावर अमित के गले से रुद्राक्ष की माला और सोने की चेन नोंच कर वहां से भाग गए। इस मामले में थाने व उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी जब कोई करवाई नही हुई तो वादिनी ने अदालत की शरण ली।
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धोखाधड़ी के आरोपी की जमानत खारिज
वाराणसी। धोखाधड़ी के मामले में आरोपी रोहनिया के गौरा गांव निवासी आरोपी गोपीकृष्ण उपाध्याय की जमानत याचिका सुनवाई के बाद अपर जिला जज अष्टम लोकेश राय की अदालत ने खारिज कर दी। अभियोजन के एडीजीसी रोहित मौर्या के अनुसार वादी संजय श्रीवास्तव ने कोर्ट के आदेश पर रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि वादी ने आरोपी गोपीकृष्ण से गौरा गांव में स्थित एक जमीन का सट्टा 27 फरवरी 2015 को कराया था। उसके एवज में आरोपी को पांच लाख रुपये भी दिए थे लेकिन बाद में पता चला कि उक्त जमीन को आरोपी गोपीकृष्ण वर्ष 2014 में ही किसी को बेच चुका है। इस पर जब वादी अपना पैसा मांगा तो आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए पैसे देने से इंकार कर दिया।
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