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प्रेमिका से शादी के लिए रची खुद के अपहरण की साजिश
Updated Sun, 18 Jun 2017 01:07 AM IST
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वाराणसी। प्रेमिका से शादी का सपना टूटते देख प्रेमी ने खुद के अपहरण की साजिश रच कर उसके घर वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मामले में उसके पिता, दो भाइयों और चाचा ने भी सहयोग किया। मामला कैंट थाना अंतर्गत फुलवरिया क्षेत्र का है। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से पूरे मामले का भंडाफोड़ कर प्रेमी, उसके पिता, दो भाइयों और चाचा को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया।
एसएसपी नितिन तिवारी ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में बताया कि 11 जून को खटाई लाल सोनकर ने सूचना दी थी कि उसके बेटे मोनू का अपहरण हो गया है। पुलिस को पता चला कि मोनू चौथी अपहृत हुआ है। जांच जारी ही थी कि 15 जून की सुबह मोनू छावनी क्षेत्र स्थित अस्पताल के पास पड़ा मिला। इंस्पेक्टर कैंट फरीद अहमद को पहले वह बहकाता रहा। फिर कड़ाई से पूछताछ में मोनू ने बताया कि वह अपनी ही बिरादरी की एक लड़की से प्रेम करता है और उससे शादी करना चाहता है। मगर, उसके घर वाले तैयार नहीं है।
मोनू ने बताया कि शादी न होते देख पिता खटाई ने लड़की के पिता वगैरह के खिलाफ मेरे अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद वह मिर्जापुर भाग गया। वहां चुनार और अन्य स्थानों से पिता, चाचा और भाइयों को धमकी भरे फोन करता रहा। यह सब चल ही रहा था कि 15 जून वह वापस आ गया और लोहे की जंजीर और डीजल खरीदा। इसके बाद खुद पर डीजल छिड़का और अपने हाथ-पैर जंजीर से बांधकर छावनी क्षेत्र के अस्पताल के पास जमीन पर लेट गया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस को झूठी सूचना देकर मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में खटाई, उसके बेटे मोनू, सोनू व छोटे और भाई बबलू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
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एसएसपी नितिन तिवारी ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में बताया कि 11 जून को खटाई लाल सोनकर ने सूचना दी थी कि उसके बेटे मोनू का अपहरण हो गया है। पुलिस को पता चला कि मोनू चौथी अपहृत हुआ है। जांच जारी ही थी कि 15 जून की सुबह मोनू छावनी क्षेत्र स्थित अस्पताल के पास पड़ा मिला। इंस्पेक्टर कैंट फरीद अहमद को पहले वह बहकाता रहा। फिर कड़ाई से पूछताछ में मोनू ने बताया कि वह अपनी ही बिरादरी की एक लड़की से प्रेम करता है और उससे शादी करना चाहता है। मगर, उसके घर वाले तैयार नहीं है।
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मोनू ने बताया कि शादी न होते देख पिता खटाई ने लड़की के पिता वगैरह के खिलाफ मेरे अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद वह मिर्जापुर भाग गया। वहां चुनार और अन्य स्थानों से पिता, चाचा और भाइयों को धमकी भरे फोन करता रहा। यह सब चल ही रहा था कि 15 जून वह वापस आ गया और लोहे की जंजीर और डीजल खरीदा। इसके बाद खुद पर डीजल छिड़का और अपने हाथ-पैर जंजीर से बांधकर छावनी क्षेत्र के अस्पताल के पास जमीन पर लेट गया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस को झूठी सूचना देकर मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में खटाई, उसके बेटे मोनू, सोनू व छोटे और भाई बबलू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
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