फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   159 fire hydrants got buried due to road construction in Kashi, fire department may face big problems

Varanasi: काशी में सड़क बनाने के चक्कर में दब गए 159 फायर हाइड्रेंट, दमकल विभाग को हो सकती है बड़ी परेशानी

Sat, 11 Nov 2023 11:54 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sat, 11 Nov 2023 11:54 AM IST
सार

शहर में पहले यहां 327 फायर हाइड्रेंट थे, अब मात्र 168 फायर हाइड्रेंट बचे हैं। बाकी के बारे में जलकल को पता नहीं है। शहर के प्रमुख चौराहों, ओवरहेड टैंकों और महत्वपूर्ण स्थानों पर फायर हाइड्रेंट होते थे।

विज्ञापन
159 fire hydrants got buried due to road construction in Kashi, fire department may face big problems
सड़क बनाने के चक्कर में दब गए 159 फायर हाइड्रेंट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सड़क बनाने के चक्कर में 159 फायर हाइड्रेंट (अग्निशमन बम्बा) दब गए हैं। वहीं, जलकल की ओर से अभी फायर हाइड्रेंट का सर्वे चल रहा है। दीपावली पर्व पर आग लगने की घटनाएं हुईं तो दमकलकर्मियों को पानी के लिए फायर हाइड्रेंट खोजे नहीं मिलेंगे।

विज्ञापन

शहर में पहले यहां 327 फायर हाइड्रेंट थे, अब मात्र 168 फायर हाइड्रेंट बचे हैं। बाकी के बारे में जलकल को पता नहीं है। शहर के प्रमुख चौराहों, ओवरहेड टैंकों और महत्वपूर्ण स्थानों पर फायर हाइड्रेंट होते थे। लंका, भिखारीपुर, लहरतारा, गोदौलिया, गिरजाघर, लहुराबीर, सारनाथ, पांडेयपुर, नई सड़क, बेनियाबाग, नदेसर, मैदागिन आदि इलाकों में सड़क बनाने के दौरान इन फायर हाइड्रेंट को नीचे दबा दिया गया है। शहर में आपातकालीन स्थिति में पानी की आपूर्ति करने वाले अधिकतर हाइड्रेंट अपना अस्तित्व खो चुके हैं। कुछ सड़क के नीचे दब गए तो कुछ में पानी का प्रेशर नहीं है। इन फायर हाइड्रेंट को सही कराने के लिए दमकल विभाग की ओर से जलकल को पत्र लिखा जा चुका है। बावजूद व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई है। यही कारण है कि दमकल विभाग के वाहन फैक्ट्रियों, अपार्टमेंट, व्यवसायिक भवनों से पानी लेने को मजबूर हैं। इससे समय की बर्बादी होती है। आग बुझाने के उपकरण तो दमकल विभाग के पास हैं, लेकिन फायर हाइड्रेंट की कमी से उन्हें आपात स्थिति में पानी खींचने में दिक्कत उठानी पड़ती है।

विज्ञापन

 

 

 

 

अब तक नहीं तलाशे गए फायर हाइड्रेंट

जलकल की ओर से सड़क के नीचे दबे फायर हाइड्रेंटों को खोजने की जहमत नहीं उठाई है। शहर की आबादी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। घनी बस्तियों में लगने वाली आग काफी खतरनाक होती है। इन खतरों को देखते हुए निबटने के लिए जलकल की ओर से केवल कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है।

एक नजर में

20.83 लाख शहर की जनसंख्या

168 बड़े नलकूपों की संख्या

133 छोटे नलकूपों की संख्या (यहां से फायर हाइड्रेंट गायब)

1500 किमी पाइप लाइन की लंबाई

110 लीटर प्रति व्यक्ति पानी की आपूर्ति

278 एमएलडी पानी की उपलब्धता

348 उत्पादित पेयजल

फायर हाइड्रेंट को दुरुस्त कराने के लिए सर्वे हो रहा है। इस समय केवल बड़े नलकूपों में फायर हाइड्रेट लगे हैं। पहले छोटे नलकूपों और सड़क किनारे चौराहों पर फायर हाइड्रेंट होते थे। वहां बड़ी गाडिय़ों की पहुंच न होने से वहां फायर हाइड्रेंट सक्रिय नहीं हैं। -सिद्धार्थ कुमार, सचिव, जलकल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed