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अधिकारी नहीं बोलते सच, शहर की समस्याएं जस की तस
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वाराणसी। धर्म, कला और साहित्य की नगरी वाराणसी मूलभूत समस्याओं से नहीं उबर पा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समय-समय पर वाराणसी दौरा करते हैं और जन सुविधाओं को बेहतर करने का निर्देश देते हैं। मगर, स्थानीय अधिकारी महज कागजी खानापूर्ति में जुटे हैं और शहर की समस्याएं जस की तस बनी है। शहर की सड़कें, सीवेज, यातायात और पेयजल व्यवस्थाएं पूरी तरह से ध्वस्त हैं। करीब 10 महीने शहर के महत्वपूर्ण सिगरा महमूरगंज मार्ग पर आवागमन शुरू नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को समीक्षा बैठक के लिए वाराणसी आ रहे हैं, ऐसे में लोगों समस्याओं के हल की उम्मीद है। वाराणसी की समस्याएं, जिनके समाधान की है उम्मीद।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले अक्टूबर महीने में सिगरा महमूरगंज मार्ग पर सीवर लाइन के लिए खुदाई की गई थी। मगर, अफसरों की लापरवाही के चलते सीवर लाइन की मरम्मत अब तक नहीं हो पाई है। शहर का प्रमुख मार्ग होने के कारण यातायात का पूरा दबाव महमूगंज रथयात्रा मार्ग से सिगरा जाता है। उधर, बंद पड़े मार्ग के व्यापारी भी परेशान हो रहे हैं। इसके अलावा बारिश से पहले सड़कों का मरम्मत भी नहीं कराया गया है, ऐसे में बरसात में लोगों की मुश्किल बढ़ेगी।
बारिश के महीने में जल जमाव यहां की बड़ी समस्या है। मगर, मानसून से पहले नगर निगम ने सीवर सफाई में संजीदगी नहीं दिखाई। शहर के 70 नालों में आधे की सफाई कराई गई और उसका सिल्ट बाहर छोड़ दिया गया। ऐसे में वर्तमान में लोग बदबू झेल रहे हैं और बृहस्पतिवार की बारिश से ज्यादातर सिल्ट नालों में चला गया है। शहर के हर गली मे सीवर लाइन चोक है और ज्यादातर जगह ढक्कन गायब हैं।
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प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले अक्टूबर महीने में सिगरा महमूरगंज मार्ग पर सीवर लाइन के लिए खुदाई की गई थी। मगर, अफसरों की लापरवाही के चलते सीवर लाइन की मरम्मत अब तक नहीं हो पाई है। शहर का प्रमुख मार्ग होने के कारण यातायात का पूरा दबाव महमूगंज रथयात्रा मार्ग से सिगरा जाता है। उधर, बंद पड़े मार्ग के व्यापारी भी परेशान हो रहे हैं। इसके अलावा बारिश से पहले सड़कों का मरम्मत भी नहीं कराया गया है, ऐसे में बरसात में लोगों की मुश्किल बढ़ेगी।
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बारिश के महीने में जल जमाव यहां की बड़ी समस्या है। मगर, मानसून से पहले नगर निगम ने सीवर सफाई में संजीदगी नहीं दिखाई। शहर के 70 नालों में आधे की सफाई कराई गई और उसका सिल्ट बाहर छोड़ दिया गया। ऐसे में वर्तमान में लोग बदबू झेल रहे हैं और बृहस्पतिवार की बारिश से ज्यादातर सिल्ट नालों में चला गया है। शहर के हर गली मे सीवर लाइन चोक है और ज्यादातर जगह ढक्कन गायब हैं।
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