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खाद्य पैकेजिंग में नई तकनीक अपनाने की जरूरत
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वाराणसी। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान में खाद्य पैकेजिंग और संरक्षण पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में इस क्षेत्र में नई संभावनाओं पर चर्चा की गई। इसमें पैकेजिंग के साथ उसमें रखे जाने वाले सामान की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के पूर्व सचिव डॉ. मंगला राय ने कहा कि खाद्य पैकेजिंग में नई तकनीक अपनाने की जरूरत है।
पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान विभाग एवं भारतीय दुग्ध संघ पूर्वी यूपी शाखा की ओर से कामधेनु सभागार में आयोजित कार्यशाला में डॉ. मंगला राय ने कहा कि खाद्य पैकेजिंग एवं संरक्षण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं । खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं ताजगी लंबे समय तक बनी रहे, इस पर ध्यान देना जरूरी है। डेयरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. दिनेश चंद्र राय ने अतिथियों का स्वागत किया।
अध्यक्षता करते हुए कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रमेश चंद ने कहा कि खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि पैकेजिंग मैटेरियल से खाद्य पदार्थ दूषित न हों। इस दौरान चंद्राली मुखर्जी, हर्षित श्याम, डॉ. तनवीर आलम, प्रो. विनोद शंकर सिंह, प्रो. आरएस दूबे, प्रो. बी र्जिली, डॉ. धीरेंद्र राय आदि मौजूद रहे।
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पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान विभाग एवं भारतीय दुग्ध संघ पूर्वी यूपी शाखा की ओर से कामधेनु सभागार में आयोजित कार्यशाला में डॉ. मंगला राय ने कहा कि खाद्य पैकेजिंग एवं संरक्षण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं । खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं ताजगी लंबे समय तक बनी रहे, इस पर ध्यान देना जरूरी है। डेयरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. दिनेश चंद्र राय ने अतिथियों का स्वागत किया।
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अध्यक्षता करते हुए कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रमेश चंद ने कहा कि खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि पैकेजिंग मैटेरियल से खाद्य पदार्थ दूषित न हों। इस दौरान चंद्राली मुखर्जी, हर्षित श्याम, डॉ. तनवीर आलम, प्रो. विनोद शंकर सिंह, प्रो. आरएस दूबे, प्रो. बी र्जिली, डॉ. धीरेंद्र राय आदि मौजूद रहे।
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