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सूरज का पता नहीं चलने से परिजन परेशान-AZAMGARH
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जयप्रकाशनगर (बलिया)। असोम के जोरहट से तीन जून को उड़ान भरने के बाद लापता भारतीय वायुसेना के एएन 32 परिवहन विमान में मौजूद जिले के शोभाछपरा निवासी सूरज का पता चौथे दिन भी नहीं चला। जोरहाट पहुंचे छोटे भाई प्रिंस को भी कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है। पुत्र की चिंता में पिता विनोद सिंह बेसुध से हैं। सूरज की पत्नी शालू का रो-रोकर बुरा हाल है।
बैरिया थाना क्षेत्र के शोभा छपरा गांव निवासी सूरज कुमार सिंह वायु सेना में लीडिंग एयर क्राफ्ट के पद पर तैनात हैं। तीन जून को जोरहाट के वायु सेना के लापता विमान में सूरज समेत कुल 13 लोग सवार थे। विमान लापता होने के दिन ही एयरफोर्स के अधिकारियों ने सूरज के पिता विनोद सिंह को घटना की जानकारी दी थी। सूरज का पता नहीं चलने पर परिजनों के साथ गांव के लोग भी परेशान हैं। प्रतिदिन लोग विनोद सिंह के दरवाजे पर पहुंच कर सूरज के बारे में जानकारी ले रहे हैं और परेशान परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।
सूरज विवाह के बाद पहली बार बीते 12 मई को आए थे और 25 मई को लौट गए थे। उन्होंने परिवार से वादा किया था कि अगस्त में अवश्य आएंगे और पूरी छुट्टी अपने परिवार के साथ बिताएंगे। सूरज जब गांव आते थे तो गांव के युवाओं को डिफेंस में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। इस बार भी उन्होंने बताया था कि अगस्त में आएंगे तो युवाओं की तैयारी कराएंगे। वह अपने दोनों छोटे भाई विक्रांत और प्रिंस को भी डिफेंस में जाने के लिए प्रेरित करते थे। सूरज का कहना था देश की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। व्यवहार कुशलता के चलते सूरज को पूरे गांव के लोग सम्मान देते थे। ऐसे में सूरज का पता नहीं चलने पर गांव के सभी लोग परेशान हैं। लोग सूरज के लौटने की ईश्वर से कामना कर रहे हैं। उधर, घटना की सूचना मिलने के बाद जोरहाट पहुंचे छोटे भाई प्रिंस सिंह को वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक खोजबीन चल रही है। अभी विमान का पता नहीं चला है।
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बैरिया थाना क्षेत्र के शोभा छपरा गांव निवासी सूरज कुमार सिंह वायु सेना में लीडिंग एयर क्राफ्ट के पद पर तैनात हैं। तीन जून को जोरहाट के वायु सेना के लापता विमान में सूरज समेत कुल 13 लोग सवार थे। विमान लापता होने के दिन ही एयरफोर्स के अधिकारियों ने सूरज के पिता विनोद सिंह को घटना की जानकारी दी थी। सूरज का पता नहीं चलने पर परिजनों के साथ गांव के लोग भी परेशान हैं। प्रतिदिन लोग विनोद सिंह के दरवाजे पर पहुंच कर सूरज के बारे में जानकारी ले रहे हैं और परेशान परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।
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सूरज विवाह के बाद पहली बार बीते 12 मई को आए थे और 25 मई को लौट गए थे। उन्होंने परिवार से वादा किया था कि अगस्त में अवश्य आएंगे और पूरी छुट्टी अपने परिवार के साथ बिताएंगे। सूरज जब गांव आते थे तो गांव के युवाओं को डिफेंस में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। इस बार भी उन्होंने बताया था कि अगस्त में आएंगे तो युवाओं की तैयारी कराएंगे। वह अपने दोनों छोटे भाई विक्रांत और प्रिंस को भी डिफेंस में जाने के लिए प्रेरित करते थे। सूरज का कहना था देश की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। व्यवहार कुशलता के चलते सूरज को पूरे गांव के लोग सम्मान देते थे। ऐसे में सूरज का पता नहीं चलने पर गांव के सभी लोग परेशान हैं। लोग सूरज के लौटने की ईश्वर से कामना कर रहे हैं। उधर, घटना की सूचना मिलने के बाद जोरहाट पहुंचे छोटे भाई प्रिंस सिंह को वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक खोजबीन चल रही है। अभी विमान का पता नहीं चला है।
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