{"_id":"5cf6d5d7bdec22074e014526","slug":"15596804678-varanasi-news154","type":"story","status":"publish","title_hn":"मशाल जुलूस निकालने वाले छात्रों पर मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मशाल जुलूस निकालने वाले छात्रों पर मुकदमा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में हुई धांधली को लेकर यूपीपीएससी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मशाल जुलूस निकालने वाले छात्रों के खिलाफ सिगरा थाने में मंगलवार को मुकदमा दर्ज किया गया है। काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी अनुज तिवारी की तहरीर पर एनएसयूआई के विकास सिंह और अज्ञात छात्रों के खिलाफ यातायात बाधित करने और जुलूस निकालने की पूर्व सूचना न देने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं।
यूपीपीएससी में व्याप्त भ्रष्टाचार दूर करने की मांग के लिए सोमवार शाम छात्रों ने सिगरा स्थित भारत माता मंदिर से शहीद उद्यान पार्क तक मशाल जुलूस निकाला था। इसके साथ ही सभी भर्तियों की गंभीरता से जांच करा कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई और स्थगित की गई परीक्षाओं को छात्र हित में जल्द शुरू कराने की मांग की थी। सिगरा इंस्पेक्टर ने बताया कि बगैर सूचना के जुलूस निकालने के साथ ही यातायात व्यवस्था को बाधित किया गया। इसके चलते सिगरा क्षेत्र में भीषण जाम लग गया था और आमजन को परेशानी हुई। उधर, विकास सिंह ने इसे पुलिस की मनमानी कार्रवाई बताया। कहा कि पूर्व घोषणा के अनुसार जुलूस निकाला गया था और पुलिस भी साथ मौजूद थी। जुलूस निकालने के दौरान पुलिस ने नहीं रोका और बाद में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। यह पूरी तरह से गलत है।
विज्ञापन
यूपीपीएससी में व्याप्त भ्रष्टाचार दूर करने की मांग के लिए सोमवार शाम छात्रों ने सिगरा स्थित भारत माता मंदिर से शहीद उद्यान पार्क तक मशाल जुलूस निकाला था। इसके साथ ही सभी भर्तियों की गंभीरता से जांच करा कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई और स्थगित की गई परीक्षाओं को छात्र हित में जल्द शुरू कराने की मांग की थी। सिगरा इंस्पेक्टर ने बताया कि बगैर सूचना के जुलूस निकालने के साथ ही यातायात व्यवस्था को बाधित किया गया। इसके चलते सिगरा क्षेत्र में भीषण जाम लग गया था और आमजन को परेशानी हुई। उधर, विकास सिंह ने इसे पुलिस की मनमानी कार्रवाई बताया। कहा कि पूर्व घोषणा के अनुसार जुलूस निकाला गया था और पुलिस भी साथ मौजूद थी। जुलूस निकालने के दौरान पुलिस ने नहीं रोका और बाद में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। यह पूरी तरह से गलत है।
विज्ञापन