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‘वारली’ शैली में चमकाएंगे ‘भिति’
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वाराणसी/रोहनिया। डॉ. विभूति नारायण सिंह परिसर गंगापुर में राज्य ललित कला अकादमी और काशी विद्यापीठ गंगापुर परिसर के संयुक्त संयोजन में चल रहे ग्रीष्मकालीन चित्रकला शिविर के तीसरे दिन भित्ति चित्रण विषय की कार्यशाला का आरंभ हुआ। कार्यशाला के अंतर्गत विद्यार्थियों के दो समूह में बांटा गया। महाराष्ट्र की लोक कला वारली शैली के भित्ति चित्रण निर्माण की पहली टीम का नेतृत्व विषय विशेषज्ञ रवि शंकर सिंह ने किया। वहीं दूसरे समूह के विद्यार्थियों ने महात्मा गांधी की दांडी यात्रा के दृश्य को विषय विशेषज्ञ रोहित पटेल के निर्देशन में शुरू किया।
कार्यशाला में रागेश्री प्रकाश, नेहा विश्वकर्मा, वर्षा सिंह, संदीप यादव, शालिनी गांगुली, खुशी मोहिले, जयदीप राय, रवि प्रजापति, अनमोल, शिवांगी, संगीता, मनीष आदि शामिल हुए। संयोजक सुमित घोष ने बताया कि भित्ति चित्रण कार्यशाला तीन दिन तक चलेगी। इसके बाद कैलीग्राफ ी का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पांडेयपुर स्थित काबूम डांस इंस्टीट्यूट में चल रहे समर कैंप में हुनर-ए-काशी कार्यक्रम के तहत बच्चों ने गुरुवार को कैनवास पर अलग-अलग पौधों की आकृति उकेरकर लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। बच्चों ने पर्यावरण प्रदूषण से होने वाली बीमारियां, कारण और बचाव का संदेश देते हुए चित्र बनाए। संस्था के निदेशक अमित गुप्ता ने बताया कि समर कैंप के दौरान बच्चों ने लोगों से स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने और जन्मदिन पर एक-एक पौधा रोपे जाने की अपील की। इसके अलावा कैंप में बटर फ्लाई बनाना, वाल पेटिंग के साथ लैंडस्केप पेंटिंग में भी पर्यावरण संरक्षण पर ही जोर दिया। इस दौरान कथक नृत्य में अनुपमा गुप्ता ने कथक के अलग-अलग भाव भंगिमाओं को प्रस्तुत किया।
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कार्यशाला में रागेश्री प्रकाश, नेहा विश्वकर्मा, वर्षा सिंह, संदीप यादव, शालिनी गांगुली, खुशी मोहिले, जयदीप राय, रवि प्रजापति, अनमोल, शिवांगी, संगीता, मनीष आदि शामिल हुए। संयोजक सुमित घोष ने बताया कि भित्ति चित्रण कार्यशाला तीन दिन तक चलेगी। इसके बाद कैलीग्राफ ी का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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पांडेयपुर स्थित काबूम डांस इंस्टीट्यूट में चल रहे समर कैंप में हुनर-ए-काशी कार्यक्रम के तहत बच्चों ने गुरुवार को कैनवास पर अलग-अलग पौधों की आकृति उकेरकर लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। बच्चों ने पर्यावरण प्रदूषण से होने वाली बीमारियां, कारण और बचाव का संदेश देते हुए चित्र बनाए। संस्था के निदेशक अमित गुप्ता ने बताया कि समर कैंप के दौरान बच्चों ने लोगों से स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने और जन्मदिन पर एक-एक पौधा रोपे जाने की अपील की। इसके अलावा कैंप में बटर फ्लाई बनाना, वाल पेटिंग के साथ लैंडस्केप पेंटिंग में भी पर्यावरण संरक्षण पर ही जोर दिया। इस दौरान कथक नृत्य में अनुपमा गुप्ता ने कथक के अलग-अलग भाव भंगिमाओं को प्रस्तुत किया।
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