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विश्वनाथ कॉरिडोर के नहीं रोहित नगर में मिले शिवलिंग

Sat, 22 Dec 2018 01:40 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Dec 2018 01:40 AM IST
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विश्वनाथ कॉरिडोर के नहीं रोहित नगर में मिले शिवलिंग
वाराणसी। लंका थाना अंतर्गत रोहित नगर एक्सटेंशन में नाले के पास स्थित भंटू यादव के प्लाट में मिले शिवलिंग काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मंदिरों के नहीं हैं। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में यह दावा किया। कहा कि मदनपुरा के पास गणेश महाल स्थित वर्षों पुराने जर्जर मंदिर और बरामदे के मलबे के नीचे शिवलिंग पड़े हुए थे। रात के समय मलबा हटाया गया तो मजदूर कुछ समझ नहीं पाए और भंटू के कहे अनुसार प्लाट में लाकर फेंक दिए। प्रथम दृष्टया इसके पीछे किसी की बदनीयत सामने नहीं आई है। प्रकरण की विवेचना जारी है और सामने आए तथ्यों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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19 दिसंबर को मलबे में शिवलिंग मिलने पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय की तहरीर पर लंका थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। एसएसपी ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह और एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद की टीम गठित की गई। तफ्तीश में सामने आया कि भंटू ने अपने प्लाट में मलबा गिराने के लिए बजरडीहा क्षेत्र के फारूकी नगर निवासी सैफ अली को ठेका दिया था।
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सैफ अली ने ट्रैक्टर मालिक डेवढ़ियाबीर रेवड़ीतालाब के नानक और फारूकी नगर के इम्तियाज को काम सौंपा। मलबा भरने के लिए नानक ने फारूकी नगर के ट्राली चालक शमसुद्दीन से संपर्क किया। शमसुद्दीन ने नानक को मदनपुरा के पास गणेश महाल स्थित राजेश चंद्र मिश्रा के जर्जर मकान से मलबा उठाने को कहा। राजेश के जर्जर मकान का बरामदा और उससे सटे मंदिर की छत गिरी हुई थी। इसी के नीचे कई शिवलिंग दबे थे। इनमें से कई सही थे और कई टूटे-फूटे थे। राजेश ने मोहल्ले के लोगों सेे कहा था कि वे वर्षों पुराने जर्जर मंदिर का मलबा हटाकर नया मंदिर बनवा देंगे। शिवलिंग और पत्थर के टुकड़े मिले हुए थे, इस वजह से रात में मजदूरों को अंतर समझ में नहीं आया और मलबा रोहित नगर तक पहुंच गया। राजेश मिश्रा, भंटू, सैफ, नानक, इम्तियाज और शमसुद्दीन की गलती स्पष्ट नहीं हुई है, इसलिए किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
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उठे सवाल-एक मंदिर में इतने शिवलिंग कैसे
एसएसपी से पूछा गया कि आखिरकार एक मंदिर में सौ से ज्यादा शिवलिंग कैसे मिले। इस पर उन्होंने कहा कि मंदिर बहुत पुराना था। प्रतीत होता है कि उससे पहले भी वहां कोई मंदिर था। अभी भी वहां कई शिवलिंग मलबे में दबे पड़े हैं। संभावना है कि मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर में शिवलिंग स्थापित करते चले गए होंगे। मोहल्ले के लोगों के अनुसार भी मंदिर में बहुतायत में शिवलिंग थे।


माहौल खराब करने वालों पर होगी कार्रवाई
रोहित नगर एक्सटेंशन में मिले शिवलिंगों को लेकर सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि मामले को तूल देने वाले भी बख्शे नहीं जाएंगे। प्रकरण की विवेचना अभी जारी है और सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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