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पांडेयपुर से अतिक्रमण हटाए जाते ही लगा भीषण जाम
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:33 AM IST
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वाराणसी। अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद पांडेयपुर क्षेत्र में शाम छह से आठ बजे तक भीषण जाम लगा। करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गई। इससे पहले भारी-भरकम पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम कर्मियों के साथ डीएम-एसएसपी ने अतिक्रमण हटवाया था। देर शाम आठ बजे के लगभग सड़क पर वाहनों का दबाव कुछ कम हुआ तो आवागमन सामान्य हुआ। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस के सारे इंतजाम नाकाम नजर आए।
इसके पीछे की खास वजह वाहनों की बढ़ती संख्या, खस्ताहाल सड़कें, सड़क व पटरियों पर अतिक्रमण और वाहन पार्किंग की व्यवस्था का न होना है। सोमवार की शाम शहर का ऐसा कोई इलाका नहीं बचा था जहां जाम से राहगीर न जूझे हों। बौलिया से लहरतारा चौराहा के बीच लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी लाइन लगी हुई थी। फातमान से तेलियाबाग तक लगभग दो किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लगी हुई थी। मंडुवाडीह चौराहा, लंका स्थित मालवीय चौराहा, दुर्गाकुंड, कमच्छा, रथयात्रा, सिगरा, अस्सी, सोनारपुरा, गोदौलिया से मैदागिन, नई सड़क, लहुराबीर, कबीरचौरा, मलदहिया, नदेसर, अर्दली बाजार सहित शहर के अन्य इलाकों में लोग भीषण जाम से जूझते रहे।
नो इंट्री के बावजूद शहर में घुस रहे भारी वाहन
शहर में दिन के समय भारी मालवाहकों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बावजूद मुड़ैला तिराहा, लहरतारा चौराहा, अमरा अखरी चौराहा, डाफी और लौटूबीर से मालवाहक शहर में प्रवेश कर जाते हैं। इसके लिए पुलिस को 50 से लेकर दो सौ रुपये तक प्रति वाहन देना होता है। जाम लगने का यह भी एक अहम कारण है। वहीं, मनाही के बावजूद रोडवेज की कुछेक बसें भी मलदहिया, सिगरा, महमूरगंज और मंडुवाडीह होते हुए इलाहाबाद की ओर जाती हैं। इससे भीषण जाम लगता है।
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इसके पीछे की खास वजह वाहनों की बढ़ती संख्या, खस्ताहाल सड़कें, सड़क व पटरियों पर अतिक्रमण और वाहन पार्किंग की व्यवस्था का न होना है। सोमवार की शाम शहर का ऐसा कोई इलाका नहीं बचा था जहां जाम से राहगीर न जूझे हों। बौलिया से लहरतारा चौराहा के बीच लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी लाइन लगी हुई थी। फातमान से तेलियाबाग तक लगभग दो किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लगी हुई थी। मंडुवाडीह चौराहा, लंका स्थित मालवीय चौराहा, दुर्गाकुंड, कमच्छा, रथयात्रा, सिगरा, अस्सी, सोनारपुरा, गोदौलिया से मैदागिन, नई सड़क, लहुराबीर, कबीरचौरा, मलदहिया, नदेसर, अर्दली बाजार सहित शहर के अन्य इलाकों में लोग भीषण जाम से जूझते रहे।
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नो इंट्री के बावजूद शहर में घुस रहे भारी वाहन
शहर में दिन के समय भारी मालवाहकों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बावजूद मुड़ैला तिराहा, लहरतारा चौराहा, अमरा अखरी चौराहा, डाफी और लौटूबीर से मालवाहक शहर में प्रवेश कर जाते हैं। इसके लिए पुलिस को 50 से लेकर दो सौ रुपये तक प्रति वाहन देना होता है। जाम लगने का यह भी एक अहम कारण है। वहीं, मनाही के बावजूद रोडवेज की कुछेक बसें भी मलदहिया, सिगरा, महमूरगंज और मंडुवाडीह होते हुए इलाहाबाद की ओर जाती हैं। इससे भीषण जाम लगता है।
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