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बारिश से बिखर गईं 450 किमी सड़कें
Updated Sun, 09 Sep 2018 01:04 AM IST
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ज्ञानपुर। डेढ़ माह से रुक-रुक कर हो रही बारिश और भ्रष्टाचार से जिले की सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है। सिंगल और डबल लेन की करीब 450 किमी सड़कें जगह-जगह टूट कर बिखर गई हैं। सड़कों पर एक से दो फीट तक के गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों में जलभराव और कीचड़ की वजह से सड़कें चलने लायक नहीं हैं। आए दिन राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं। जीटी रोड को छोड़कर जिले में करीब 1961 किलोमीटर का जाल सड़कों का बिछा हुआ है। इसमें सिंगल, डबल लेन की शहरी एवं ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। कमीशनखोरी के चलते अधिकांश सड़कों का निर्माण तय मानक के अनुसार नहीं हो पाता और वह समय से पहले ही ध्वस्त हो जाती हैं। एक से डेढ़ दशक पहले जो सड़कें बनती थीं, वह पांच से आठ साल तक चलती थीं लेकिन अब एक बारिश भी नहीं सह पा रही हैं। 22 जुलाई से रुक-रुक कर हो रही बारिश से नगर से लेकर देहात तक की सैकड़ों की हालत बेहद खराब हो गई है। ज्ञानपुर-दुर्गागंज मार्ग, ज्ञानपुर की प्रोफेसर कालोनी मार्ग, पुरानी बाजार मार्ग, ज्ञानपुर से लालानगर टोल प्लाजा मार्ग, कलिंजरा मोड़ से सुरियावां मार्ग, दानूपुर से कठौता मार्ग समेत कई मार्ग जर्जर हो चुके हैं। लोक निर्माण विभाग का मानना है कि जिन स्थानों पर जलनिकासी की सुविधा नहीं होती वहां की सड़के कम समय में टूट जाती हैं। दुर्गागंज, सुरियावां, महराजगंज, सुभाष नगर और चौरी में जलनिकासी की सुविधा न होने से अक्सर सड़कें खराब हो जाती हैं। लोक निर्माण विभाग के एई एसबी राव ने कहा कि सड़कों को मानक के हिसाब से बनाया जाता है। बारिश का पानी भरने से वह खराब हो जाती है। उन्होंने कहा कि बारिश से 25 फीसदी तक सड़कें खराब होती हैं। कहा कि बारिश खत्म होने के बाद सर्वे कराकर जर्जर मार्गों की मरम्मत का प्रस्ताव बनाया जाएगा।
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