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सीलबंद लिफाफे में आईएमएस निदेशक को सौंपी जांच रिपोर्ट
Updated Thu, 12 Apr 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की ओपीडी में इलाज कराने गए शास्त्री तृतीय वर्ष के छात्र आकाश मिश्रा की जूनियर डॉक्टरों द्वारा पिटाई के मामले की जांच पूरी हो गई है। तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने बुधवार की शाम करीब चार बजे सीलबंद लिफाफे में आईएमएस डायरेक्टर प्रो. वीके शुक्ला को भेज दी। अब डायरेक्टर की ओर से यह रिपोर्ट कुलपति प्रो. राकेश भटनागर को भेजी जाएगी।
तीन अप्रैल को हुई इस घटना के बाद घायल छात्र आकाश की तहरीर पर लंका थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। कोर्ट के आदेश पर लंका पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच पूरी होने के बाद अब रिपोर्ट के खुलासे और कार्रवाई का इंतजार है। इस बारे में चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार कदम उठाया जाएगा।
चिकित्सा अधीक्षक का मामला भी गरमाया
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय को लेकर सोशल मीडिया पर अलग मुहिम छिड़ी है। उनके फिजी में तैनात होने के दौरान के मामले से अस्पताल की व्यवस्था तक उन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आजमगढ़ निवासी हरिकेश बहादुर सिंह की ओर से मेडिकल काउंसिल में की गई उनकी शिकायत का मामला भी सुर्खियों में है। इस बारे में डॉ. ओपी उपाध्याय ने बताया कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही मानीटरिंग सख्त कर दी गई है। इससे कुछ लोग नाराज हैं और अपने निहित स्वार्थ की वजह से अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। उनकी छवि प्रभावित की जा रही है।
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तीन अप्रैल को हुई इस घटना के बाद घायल छात्र आकाश की तहरीर पर लंका थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। कोर्ट के आदेश पर लंका पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच पूरी होने के बाद अब रिपोर्ट के खुलासे और कार्रवाई का इंतजार है। इस बारे में चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार कदम उठाया जाएगा।
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चिकित्सा अधीक्षक का मामला भी गरमाया
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय को लेकर सोशल मीडिया पर अलग मुहिम छिड़ी है। उनके फिजी में तैनात होने के दौरान के मामले से अस्पताल की व्यवस्था तक उन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आजमगढ़ निवासी हरिकेश बहादुर सिंह की ओर से मेडिकल काउंसिल में की गई उनकी शिकायत का मामला भी सुर्खियों में है। इस बारे में डॉ. ओपी उपाध्याय ने बताया कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही मानीटरिंग सख्त कर दी गई है। इससे कुछ लोग नाराज हैं और अपने निहित स्वार्थ की वजह से अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। उनकी छवि प्रभावित की जा रही है।
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