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देह व्यापार के आरोपी पूर्व प्रधान का समर्पण
Updated Thu, 05 Apr 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। मंड़ुवाडीह थाने के शिवदासपुर क्षेत्र में युवतियों को लाकर उनसे जबरन देह व्यापार कराने का आरोपी पूर्व प्रधान पप्पू सोनकर ने न्यायालय में समर्पण कर दिया। पप्पू वर्ष 2005 से ही इस मामले में वांछित चल रहा था। 13 साल पुराने मामले में न्यायालय की ओर जारी गैर जमानती वारंट पर पुलिस की सख्ती बढ़ती देख पप्पू को समर्पण करना पड़ा। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मड़ुवाहीड थाना क्षेत्र वर्ष 2005 में अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत मकदमा दर्ज किया गया था। इसमें आरोप है कि शिवदासपुर का पूर्व प्रधान पप्पू सोनकर, काली, अफजल बीबी, रहमत और उसकी बीबी व बेटा सहित आधा दर्जन लोग शिवदासपुर में ही बाहर से युवतियों को लाकर उनसे जबरन देह व्यापार कराते थे। यह भी आरोप है युवतियां जब आरोपियों की बात नहीं मानती थी तो उन्हें यातनाएं दी जाती थी। इस मामले में अन्य आरोपी पहले ही जेल भेज चुकी है। जबकि पप्पू सोनकर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया था। पप्पू को हाजिर कराने के लिए न्यायालय की ओर से गैर जमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद पुलिस पप्पू सोनकर के संभावित ठिकानों पर छापेमारी करने लगी। वर्ष 2005 में शिवदासपुर क्षेत्र काफी चर्चाओं में रहा था। उस समय बंगाल की दो लड़कियां किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर बीएचयू पहुंच गई थी। वहां छात्रों को आपबीती बताई और इसके बाद उस समय गैरसरकारी संस्था गुडि़या और बीएचयू के विधि संकाय के छात्रों के संयुक्त प्रयास से शिवदासपुर से कई नाबालिग लड़कियों और युवतियों को देह व्यापार से मुक्त कराया गया था। इसी दौरान शिवदासपुर के देह व्यापार धंधे के कुख्यात रहमत की लाश बरामद हुई थी। बताया जाता है कि रहमत को गोली लगी थी। पप्पू सोनकर के समर्पण की पुष्टि मड़ुुवाडीह इंस्पेक्टर अशोक सिंह ने की। उन्होंने बताया कि पप्पू जिला जेल में निरुद्ध है। जल्द ही उसे पुलिस रिमांड पर लेकर दर्ज मुकदमें के संबन्ध पूछताछ की जाएगी।
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मड़ुवाहीड थाना क्षेत्र वर्ष 2005 में अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत मकदमा दर्ज किया गया था। इसमें आरोप है कि शिवदासपुर का पूर्व प्रधान पप्पू सोनकर, काली, अफजल बीबी, रहमत और उसकी बीबी व बेटा सहित आधा दर्जन लोग शिवदासपुर में ही बाहर से युवतियों को लाकर उनसे जबरन देह व्यापार कराते थे। यह भी आरोप है युवतियां जब आरोपियों की बात नहीं मानती थी तो उन्हें यातनाएं दी जाती थी। इस मामले में अन्य आरोपी पहले ही जेल भेज चुकी है। जबकि पप्पू सोनकर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया था। पप्पू को हाजिर कराने के लिए न्यायालय की ओर से गैर जमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद पुलिस पप्पू सोनकर के संभावित ठिकानों पर छापेमारी करने लगी। वर्ष 2005 में शिवदासपुर क्षेत्र काफी चर्चाओं में रहा था। उस समय बंगाल की दो लड़कियां किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर बीएचयू पहुंच गई थी। वहां छात्रों को आपबीती बताई और इसके बाद उस समय गैरसरकारी संस्था गुडि़या और बीएचयू के विधि संकाय के छात्रों के संयुक्त प्रयास से शिवदासपुर से कई नाबालिग लड़कियों और युवतियों को देह व्यापार से मुक्त कराया गया था। इसी दौरान शिवदासपुर के देह व्यापार धंधे के कुख्यात रहमत की लाश बरामद हुई थी। बताया जाता है कि रहमत को गोली लगी थी। पप्पू सोनकर के समर्पण की पुष्टि मड़ुुवाडीह इंस्पेक्टर अशोक सिंह ने की। उन्होंने बताया कि पप्पू जिला जेल में निरुद्ध है। जल्द ही उसे पुलिस रिमांड पर लेकर दर्ज मुकदमें के संबन्ध पूछताछ की जाएगी।
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