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किसानों को बताए आय बढ़ाने के तरीके
Updated Thu, 29 Mar 2018 01:31 AM IST
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ज्ञानपुर। अभोली विकास खंड के सदौपुर गांव में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से पं. दीनदयाल उपाध्याय उन्नत कृषि शिक्षा के तहत आयोजित कृषक आवासीय प्रशिक्षण में बुधवार को किसानों को आय दोगुनी करने के तरीके बताए गए।
कृषि केंद्र बेजवां भदोही के कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि किसान अपने खेतों में गाय का गोबर और मूत्र डालकर फसल उगाए। इससे लागत भी कम आएगी। साथ में लागत में भी कमी आएगी। जमीन की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद जमीन को बंजर बना रही है। जैविक खाद का उपयोग कर किसान अपनी जमीन को बंजर होने बचाएं। सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सत्य नारायण ने फसल चक्र पर विस्तार से चर्चा करते हुए हुए कहा कि लगातार एक खेत में वही फसल नहीं बोनी चाहिए। उन्होंने जीरो बजट खेती, प्राकृतिक पोषण शास्त्र, खाद्य चक्र, केशा आकर्षण शक्ति, चक्रावत, देशी केचुओं की गतिविधियां, सुक्ष्म पर्यावरण, एक देशी गाय से 20 एकड़ की खेती, जीवामृत, धन जीवामृत, बीजामृत, आच्छादन, वाफसा, वृक्षाकार प्रबंध, जल प्रबंधन, फसल सुरक्षा आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला। सब्जी, दलहनी, तिलहनी, बागवानी, फूल की खेती करने की किसानों को जानकारी दी। अमेठी के पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती करके अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। तकनीकी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। पशु चिकित्सक डॉ. गोविंद कुमार चौधरी ने कहा कि किसान पशु पालन करके अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। अच्छी नश्ल की गाय और भैंस पालकर दूध का अच्छा उत्पादन कर सकते हैं। प्रशिक्षण शिविर आयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि प्रशिक्षित किसान ही अपनी आय बढ़ा सकते हैं। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई योजनाएं संचालित की है। किसान इन योजनाओं का लाभ उठाएं। गुरुवार को प्रशिक्षण का समापन हो जाएगा। पशिक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
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कृषि केंद्र बेजवां भदोही के कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि किसान अपने खेतों में गाय का गोबर और मूत्र डालकर फसल उगाए। इससे लागत भी कम आएगी। साथ में लागत में भी कमी आएगी। जमीन की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद जमीन को बंजर बना रही है। जैविक खाद का उपयोग कर किसान अपनी जमीन को बंजर होने बचाएं। सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सत्य नारायण ने फसल चक्र पर विस्तार से चर्चा करते हुए हुए कहा कि लगातार एक खेत में वही फसल नहीं बोनी चाहिए। उन्होंने जीरो बजट खेती, प्राकृतिक पोषण शास्त्र, खाद्य चक्र, केशा आकर्षण शक्ति, चक्रावत, देशी केचुओं की गतिविधियां, सुक्ष्म पर्यावरण, एक देशी गाय से 20 एकड़ की खेती, जीवामृत, धन जीवामृत, बीजामृत, आच्छादन, वाफसा, वृक्षाकार प्रबंध, जल प्रबंधन, फसल सुरक्षा आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला। सब्जी, दलहनी, तिलहनी, बागवानी, फूल की खेती करने की किसानों को जानकारी दी। अमेठी के पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती करके अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। तकनीकी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। पशु चिकित्सक डॉ. गोविंद कुमार चौधरी ने कहा कि किसान पशु पालन करके अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। अच्छी नश्ल की गाय और भैंस पालकर दूध का अच्छा उत्पादन कर सकते हैं। प्रशिक्षण शिविर आयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि प्रशिक्षित किसान ही अपनी आय बढ़ा सकते हैं। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई योजनाएं संचालित की है। किसान इन योजनाओं का लाभ उठाएं। गुरुवार को प्रशिक्षण का समापन हो जाएगा। पशिक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
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