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चीफ प्रॉक्टर के दुव्यर्वहार से छात्र नाराज, मांगा इस्तीफा
Updated Fri, 16 Mar 2018 02:15 AM IST
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वाराणसी। रुईया छात्रावास के छात्रों ने पहले संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय के मेन गेट पर ताला बंद किया बाद में भारत कला भवन चौराहे पर प्रदर्शन किया। चीफ प्रॉक्टर पर एक छात्र के साथ दुर्व्यवहार करने, जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए चौराहे पर प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक रास्ता जाम की वजह से विश्वविद्यालय मेन गेट से विश्वनाथ मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर आवागमन बाधित रहा।
तीन घंटे तक चले जाम, प्रदर्शन के दौरान कोई भी प्रॉक्टर नहीं पहुंचा जिससे कि जाम समाप्त कराया जा सके। दोपहर दो बजे कार्यवाहक कुलपति और कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, छात्र अधिष्ठाता प्रो.एमके सिंह और संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता के साथ पहुंचे। कुलसचिव को दिए पत्र में छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर पर जान से मारने की धमकी, जातिगत टिप्पणी, विश्वविद्यालय से संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय को हटवाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। छात्रों ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराने से असलियत सामने आ जाएगी। साथ ही चीफ प्राक्टर कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए। इस दौरान कुलसचिव ने दस दिन के भीतर जांच कराने का आश्वासन दिया। जिस पर छात्रों ने 25 मार्च तक कार्रवाई न होने पर दुबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
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तीन घंटे तक चले जाम, प्रदर्शन के दौरान कोई भी प्रॉक्टर नहीं पहुंचा जिससे कि जाम समाप्त कराया जा सके। दोपहर दो बजे कार्यवाहक कुलपति और कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, छात्र अधिष्ठाता प्रो.एमके सिंह और संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता के साथ पहुंचे। कुलसचिव को दिए पत्र में छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर पर जान से मारने की धमकी, जातिगत टिप्पणी, विश्वविद्यालय से संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय को हटवाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। छात्रों ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराने से असलियत सामने आ जाएगी। साथ ही चीफ प्राक्टर कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए। इस दौरान कुलसचिव ने दस दिन के भीतर जांच कराने का आश्वासन दिया। जिस पर छात्रों ने 25 मार्च तक कार्रवाई न होने पर दुबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
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