{"_id":"5a7b6f094f1c1ba3268b8ed9","slug":"151518038793-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्यांगों ने लंका चौराहे पर संभाला ट्रैफिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिव्यांगों ने लंका चौराहे पर संभाला ट्रैफिक
Updated Thu, 08 Feb 2018 02:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। दिव्यांगों ने बुधवार को यातायात पुलिसकर्मियों के साथ लंका चौराहे पर यातायात व्यवस्था संभाली। यातायात पुलिस की ड्रेस और सीटी लेकर वह बखूबी ट्रैफिक का संचालन करने के साथ ही गलत दिशा में जाने वाले लोगों को यातायात नियमों की जानकारी भी दे रहे थे। ट्रैफिक चलाने वाले पांच दिव्यांग लोगों के चर्चा का केंद्र भी बने रहे। बीएचयू मुख्य द्वार स्थित मालवीय चौराहे पर बुधवार को दिव्यांग सीओ ट्रैफिक राकेश नायक के नेतृत्व में काम किया।
सीओ यातायात राकेश नायक की पहल पर कानपुर निवासी राम कुमार गुप्ता, जगत सिंह, गंगा सागर, आलोक कुमार और उमाकांत सोमवार की शाम वाराणसी पहुंच गए थे। सभी को ट्रैफिक ब्रिगेड की यूनिफार्म उपलब्ध कराई गई थी। मंगलवार को इन्होंने गोदौलिया पर ट्रैफिक का संचालन किया था। सीओ यातायात राकेश नायक ने बताया कि पांच दिव्यांग उनके आवास पर ही रुके हुए हैं। गुरुवार को 20 अन्य दिव्यांग वाराणसी पहुंच रहे हैं। सभी को अलग-अलग हिस्सों में पुलिसकर्मियों के साथ लगाया जाएगा। इस नई व्यवस्था से वाहनों से चेकिंग करने के नाम वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी लगाम लगेगी। बताया कि 50 अन्य दिव्यांगों का प्रशिक्षण जल्द से शुरू होगा। यातायात में सहायक बने दिव्यांगों का खर्च निजी संस्थाएं उठा रही हैं।
विज्ञापन
सीओ यातायात राकेश नायक की पहल पर कानपुर निवासी राम कुमार गुप्ता, जगत सिंह, गंगा सागर, आलोक कुमार और उमाकांत सोमवार की शाम वाराणसी पहुंच गए थे। सभी को ट्रैफिक ब्रिगेड की यूनिफार्म उपलब्ध कराई गई थी। मंगलवार को इन्होंने गोदौलिया पर ट्रैफिक का संचालन किया था। सीओ यातायात राकेश नायक ने बताया कि पांच दिव्यांग उनके आवास पर ही रुके हुए हैं। गुरुवार को 20 अन्य दिव्यांग वाराणसी पहुंच रहे हैं। सभी को अलग-अलग हिस्सों में पुलिसकर्मियों के साथ लगाया जाएगा। इस नई व्यवस्था से वाहनों से चेकिंग करने के नाम वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी लगाम लगेगी। बताया कि 50 अन्य दिव्यांगों का प्रशिक्षण जल्द से शुरू होगा। यातायात में सहायक बने दिव्यांगों का खर्च निजी संस्थाएं उठा रही हैं।
विज्ञापन