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साइकिल और ई-रिक्शा पर ई-वे बिल लागू नहीं
Updated Wed, 31 Jan 2018 01:32 AM IST
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भदोही। एक फरवरी से ई-वे बिल की व्यवस्था लागू हो जाएगी। 50 हजार रुपये से अधिक के माल कहीं भेजने के लिए ई-वे बिल साथ में रखना अनिवार्य होगा। हालांकि अपंजीकृत योग्य वाहनों जैसे साइकिल, ई-रिक्शा, ठेला और सगड़ी आदि को ई-वे बिल से अलग रखा गया है। ये बातें मंगलवार को आल इंडिया कार्पेट यार्न स्पिनर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन (एसिस्डा) के रजपूरा रिंग मार्केट स्थित कार्यालय पर सेमिनार में असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी संजय सिंह ने कहीं।
उन्होंने बताया कि 50 हजार रुपये से अधिक कीमत का सामान कहीं ले जाने पर साथ में ई-वे बिंल होना जरूरी है। कहा कि माल बेचने वाला ई-वे बिल जारी करेगा, जिसमे खरीदने वाले की भी संस्तुति हीगो। यदि ई-वे बिल बन गया है और और माल ठहरा हुआ है तो ई-वे बिल को निरस्त किया जा सकता है। सेमिनार में जीएसटी के राम भवन व मधुलिका सिंह ने व्यापारियों को ई-वे बिल जनरेट करने के बारे में जानकारी दी। बताया कि जीएसटी के पोर्टल पर प्रथम बार पंजीकरण कराना होगा। उसी समय यूजर नाम और पासवर्ड भी मिल जाएगा। भविष्य में लाग इन करने के लिए वही यूजर नेम और पासवर्ड का इस्तेमाल करना होगा। यदि खरीदार के यहां तक माल पहुंच जाता है और खरीदार माल नहीं लेता है तो वह क्रेडिट नोट जारी कर विक्रेता को लौटाएगा। प्रत्येक ई-वे बिल के साथ इनवायस होना जरूरी है। इस दौरान एसिस्डा अध्यक्ष रमेश काबरा, अशोक साबू, संतोक गोलछा, अजय काबरा, रमेश पुरोहित, सीए मनोज जायसवाल, हाली जैन, सुरेश जायसवाल, नारायण बोड़ा, रमेश गुप्ता, आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने बताया कि 50 हजार रुपये से अधिक कीमत का सामान कहीं ले जाने पर साथ में ई-वे बिंल होना जरूरी है। कहा कि माल बेचने वाला ई-वे बिल जारी करेगा, जिसमे खरीदने वाले की भी संस्तुति हीगो। यदि ई-वे बिल बन गया है और और माल ठहरा हुआ है तो ई-वे बिल को निरस्त किया जा सकता है। सेमिनार में जीएसटी के राम भवन व मधुलिका सिंह ने व्यापारियों को ई-वे बिल जनरेट करने के बारे में जानकारी दी। बताया कि जीएसटी के पोर्टल पर प्रथम बार पंजीकरण कराना होगा। उसी समय यूजर नाम और पासवर्ड भी मिल जाएगा। भविष्य में लाग इन करने के लिए वही यूजर नेम और पासवर्ड का इस्तेमाल करना होगा। यदि खरीदार के यहां तक माल पहुंच जाता है और खरीदार माल नहीं लेता है तो वह क्रेडिट नोट जारी कर विक्रेता को लौटाएगा। प्रत्येक ई-वे बिल के साथ इनवायस होना जरूरी है। इस दौरान एसिस्डा अध्यक्ष रमेश काबरा, अशोक साबू, संतोक गोलछा, अजय काबरा, रमेश पुरोहित, सीए मनोज जायसवाल, हाली जैन, सुरेश जायसवाल, नारायण बोड़ा, रमेश गुप्ता, आदि उपस्थित रहे।
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