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क्रीं कुंड पर उमड़ा आस्थावानों का रेला
Updated Mon, 28 Aug 2017 02:12 AM IST
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वाराणसी। आस्था का केंद्र अघोरपीठ बाबा कीनाराम स्थल क्रंी कुंड पर स्नान के लिए रविवार को आस्थावानों का रेला उमड़ पड़ा। लोलार्क षष्ठी के पर्व पर भोर से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। कुंड से लेकर रवींद्रपुरी कालोनी तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। वाराणसी, पूर्वांचल समेत बिहार के कई जिलों से श्रद्धालु कुंड में स्नान और बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे थे।
बाबा कीनाराम स्थल के पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम ने परिसर स्थित औघड़ संतों की समाधियों की पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत हर-हर महादेव के जयघोष के साथ दर्शन और स्नान का सिलसिला आरंभ हो गया। दर्शन, पूजन के साथ ही प्रसाद वितरण का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इसके पूर्व स्वयंसेवकों द्वारा साफ-सफाई और श्रमदान भी किया गया। क्रीं कुंड के आसपास के इलाके में देर रात से ही माला-फूल, झूला, खिलौना, मिठाई,चाय आदि की दुकानें सज गई थीं। प्रशासन ने भीड़ के मद्देनजर चाक-चौबंद व्यवस्था कर रखी थी।
मान्यता है कि क्रीं कुंड में लोलार्क षष्ठी के दिन महिलाएं पुत्र प्राप्ति की कामना से स्नान करती हैं। संतान प्राप्ति के लिए महिलाएं पहले अस्सी स्थित लोलार्क कुंड पर स्नान करती हैं और फिर क्रीं कुंड आकर स्नान करती हैं। कहा जाता है कि बाबा कीनाराम ने अपनी तपोबल से इन दोनों कुंडों को जागृत किया था।
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बाबा कीनाराम स्थल के पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम ने परिसर स्थित औघड़ संतों की समाधियों की पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत हर-हर महादेव के जयघोष के साथ दर्शन और स्नान का सिलसिला आरंभ हो गया। दर्शन, पूजन के साथ ही प्रसाद वितरण का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इसके पूर्व स्वयंसेवकों द्वारा साफ-सफाई और श्रमदान भी किया गया। क्रीं कुंड के आसपास के इलाके में देर रात से ही माला-फूल, झूला, खिलौना, मिठाई,चाय आदि की दुकानें सज गई थीं। प्रशासन ने भीड़ के मद्देनजर चाक-चौबंद व्यवस्था कर रखी थी।
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मान्यता है कि क्रीं कुंड में लोलार्क षष्ठी के दिन महिलाएं पुत्र प्राप्ति की कामना से स्नान करती हैं। संतान प्राप्ति के लिए महिलाएं पहले अस्सी स्थित लोलार्क कुंड पर स्नान करती हैं और फिर क्रीं कुंड आकर स्नान करती हैं। कहा जाता है कि बाबा कीनाराम ने अपनी तपोबल से इन दोनों कुंडों को जागृत किया था।
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