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पीपा का पुल क्षतिग्रस्त
Updated Tue, 06 Jun 2017 01:28 AM IST
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चहनियां। बलुआ थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार के पास गंगा घाट पर लगा प्लाटून पीपा पुल रविवार की रात को अचानक टूट गया। रात के समय पुल पर वाहनों के न होने और तत्काल राहगीरों की नजर पड़ जाने से बड़ा हादसा टल गया। वाराणसी से आ रहे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग 60 किलोमीटर लंबी दूरी तय कर गंतव्य को पहुंचे। देर शाम तक निर्माण कार्य जारी रहने से आवागमन शुरू नहीं हो सका था। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता विजय नारायण यादव ने कहा कि मामले की जांच कर लापरवाह लोगों पर कार्यवाही की जाएगी।
विदित हो कि बलुआ स्थित गंगा घाट पर प्रति वर्ष प्लाटून पीपा पुल का निर्माण होता है। जिससे प्रतिदिन हजारों लोग को वाराणसी और चहनियां की तरफ आते जाते हैं। पुल पर ठेकेदार द्वारा दो और चार पहिया वाहनों से विधिवत शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद पुल के विभाग द्वारा घोर लापरवाही होती रहती है। पुल की देखरेख नाम मात्र होने के कारण रविवार की रात अचानक पुल टूट गया। उस समय पुल पर कोई वाहन नहीं था। टूटने की आवाज सुनकर पैदल चलने वालों की नजर टूटे पुल पर पड़ गई और उन्होंने शोरगुल मचाना शुरू कर दिया जिससे घाट के दोनों तरफ के लोग मौके पर पहुंच गए और वाहनों का आवागमन रोक दिया। रात में वाराणसी वापस आ रहे लोग 60 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने घर गए। मरम्मत का कार्य सोमवार को दिन भर चला। जिससे राहगीर पार उतरने के लिए परेशान दिखे और संचालकों के ढुलमुल रवैये पर आक्रोश दिखा। पुल पर लगे सुरक्षा कर्मियों व मरम्मतकर्ताओं की लापरवाही से विगत वर्ष भी यह समस्या पैदा हुई थी।
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विदित हो कि बलुआ स्थित गंगा घाट पर प्रति वर्ष प्लाटून पीपा पुल का निर्माण होता है। जिससे प्रतिदिन हजारों लोग को वाराणसी और चहनियां की तरफ आते जाते हैं। पुल पर ठेकेदार द्वारा दो और चार पहिया वाहनों से विधिवत शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद पुल के विभाग द्वारा घोर लापरवाही होती रहती है। पुल की देखरेख नाम मात्र होने के कारण रविवार की रात अचानक पुल टूट गया। उस समय पुल पर कोई वाहन नहीं था। टूटने की आवाज सुनकर पैदल चलने वालों की नजर टूटे पुल पर पड़ गई और उन्होंने शोरगुल मचाना शुरू कर दिया जिससे घाट के दोनों तरफ के लोग मौके पर पहुंच गए और वाहनों का आवागमन रोक दिया। रात में वाराणसी वापस आ रहे लोग 60 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने घर गए। मरम्मत का कार्य सोमवार को दिन भर चला। जिससे राहगीर पार उतरने के लिए परेशान दिखे और संचालकों के ढुलमुल रवैये पर आक्रोश दिखा। पुल पर लगे सुरक्षा कर्मियों व मरम्मतकर्ताओं की लापरवाही से विगत वर्ष भी यह समस्या पैदा हुई थी।
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