फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   खंडहर में तब्दील हो चुका है खाद-बीज केंद्र

खंडहर में तब्दील हो चुका है खाद-बीज केंद्र

Sun, 04 Jun 2017 11:11 PM IST
Updated Sun, 04 Jun 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
खंडहर में तब्दील हो चुका है खाद-बीज केंद्र
मरदह(गाजीपुर)। गांव में बना किसान सेवा सहकारी समिति का सरकारी खाद-बीज केंद्र खंडहर में तब्दील हो गया है। इसकी वजह से क्षेत्र के किसानों को खाद-बीज के लिए प्राइवेट दूकानों के भरोसे रहना पड़ रहा है। किसानों ने कृषि विभाग से नया भवन बनवाकर केंद्र को चालू कराने की मांग की है।
विज्ञापन

लगभग दो दशक पूर्व किसानों को उनके क्षेत्र में ही खाद-बीज उपलब्ध कराने की मंशा से जिला प्रशासन ने मरदह गांव में किसान सेवा सहकारी समिति का गठन कर केंद्र की स्थापना की थी। इसके पूर्व किसानों को लगभग बीस किलोमीटर दूर खाद-बीज लेने जाना पड़ता था। मरदह में खाद-बीज का सरकारी उपकेंद्र खुलने का फायदा मरदह, पड़िता, नोनरा, पंडितपुरा, डोड़सर, कोदई, नरवर, कंसहरी, कबीरपुर, बिजवनपुर, महेंगवा, गोविंदपुर कीरत, सक्कापुर आदि गांवों के किसानों को होने लगा था। इसके अलावा सिंगेरा, सेवठा, कुचयां, दुर्खुर्शी, तेजपुरा, फेफरा, इंदौर, हरहरी, सुलेमापुर, डंडापुर, पृथ्वीपुर के किसानों को भी इस केंद्र से खाद-बीज उपलब्ध होता था। बंद पड़ा केंद्र वर्तमान समय में खंडहर में तब्दील हो गया है। इससे किसानों को खाद-बीज के लिए प्राइवेट दूकानों का सहारा लेने को विवश होना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों से इस किसान सेवा सहकारी समिति को नए भवन में चालू करने की मांग की है। इस संबंध में जिले के एआर डा. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि ब्लाक मुख्यालय पर स्थित किसान सेवा सहकारी समिति के खाद-बीज केंद्र को विभागीय संस्तुति के बाद निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। किसानों के हित में इसे दोबारा सक्रिय करने अथवा नए भवन निर्माण के लिए शासन स्तर पर निर्णय लेना पड़ेगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed