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गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
Updated Sun, 04 Jun 2017 11:07 PM IST
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गाजीपुर। गंगा दशहरा पर रविवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के गंगा घाटों पर स्नानार्थियों का रेला उमड़ा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और पूजन-अर्चन कर परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। परंपरागत दान-पुण्य भी किया। कई घाटों पर गंदगी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गंगा दशहरा पर स्नान का पौराणिक महत्व है। इसी के चलते शहर के गंगा घाटों पर तड़के ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। सुबह के आठ बजते-बजते सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर स्नान के लिए पहुंच गए थे। ऐसे में सुनसान रहने वाले घाटों पर भीड़ के चलते तिल रखने की भी जगह नहीं बची थी। शहर के चीतनाथ घाट, ददरीघाट, कलेक्टर घाट, बूढ़ा महादेवा घाट, अंजही घाट, नवापुरा घाट, पोस्ता घाट सहित अन्य घाटों पर स्नान के लिए दोपहर तक स्नानार्थियों की भीड़ लगी रही। सबसे ज्यादा भीड़ चीतनाथ और ददरीघाट पर रही। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश श्रद्धालु इन्हीं घाटों पर पहुंचे थे। लोगों ने गंगा स्नान कर घाटों पर स्थित मंदिरों में पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। स्नान करने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। गंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने पंरपरागत दान-पुण्य भी किया। कई घाटों पर गंदगी के कारण स्थानार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों के गंगा घाटों पर भी गंगा स्नान से लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
ट्रेनों और बसों में रही भीड़
गाजीपुर। गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में लोगों के शहर में आने से वाहन चालकों की चांदी रही। सभी मार्गों पर चलने वाले वाहनों में यात्रियों का दबाव बना रहा। मौके का फायदा उठाते हुए वाहन चालकों ने यात्रियों को भूसे की तरह वाहनों में भरा। इस दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं एवं उनके साथ आए बच्चों को हुई। पैसा खर्च करने के बाद भी उन्हें खड़े होकर यात्रा करना पड़ा। टेंपो चालकों ने भी मनमाना किराया लेकर लोगों को घाटों तक पहुंचाया। सुबह आने वाली पैसेंजर ट्रेन भी यात्रियों से खचाखच भरी थी।
गंगा दशहरा पर स्नान का पौराणिक महत्व है। इसी के चलते शहर के गंगा घाटों पर तड़के ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। सुबह के आठ बजते-बजते सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर स्नान के लिए पहुंच गए थे। ऐसे में सुनसान रहने वाले घाटों पर भीड़ के चलते तिल रखने की भी जगह नहीं बची थी। शहर के चीतनाथ घाट, ददरीघाट, कलेक्टर घाट, बूढ़ा महादेवा घाट, अंजही घाट, नवापुरा घाट, पोस्ता घाट सहित अन्य घाटों पर स्नान के लिए दोपहर तक स्नानार्थियों की भीड़ लगी रही। सबसे ज्यादा भीड़ चीतनाथ और ददरीघाट पर रही। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश श्रद्धालु इन्हीं घाटों पर पहुंचे थे। लोगों ने गंगा स्नान कर घाटों पर स्थित मंदिरों में पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। स्नान करने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। गंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने पंरपरागत दान-पुण्य भी किया। कई घाटों पर गंदगी के कारण स्थानार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों के गंगा घाटों पर भी गंगा स्नान से लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
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ट्रेनों और बसों में रही भीड़
गाजीपुर। गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में लोगों के शहर में आने से वाहन चालकों की चांदी रही। सभी मार्गों पर चलने वाले वाहनों में यात्रियों का दबाव बना रहा। मौके का फायदा उठाते हुए वाहन चालकों ने यात्रियों को भूसे की तरह वाहनों में भरा। इस दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं एवं उनके साथ आए बच्चों को हुई। पैसा खर्च करने के बाद भी उन्हें खड़े होकर यात्रा करना पड़ा। टेंपो चालकों ने भी मनमाना किराया लेकर लोगों को घाटों तक पहुंचाया। सुबह आने वाली पैसेंजर ट्रेन भी यात्रियों से खचाखच भरी थी।
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