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बीएचयू में मुंह बांधकर चलने पर रोक
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वाराणसी। बीएचयू परिसर में मुंह पर कपड़ा बांधकर अब छात्र-छात्रा नहीं चल सकेंगे। परिसर में इस तरह की गतिविधि पर रोक लगाने का फरमान चीफ प्राक्टर की ओर से जारी किया गया है। सभी संकायों और छात्रावासों में इसकी एक कॉपी भी भेजी गई है। साथ ही आदेश का उल्लंघन करने वाले छात्र छात्राओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है।
विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्रा अक्सर मुंह पर कपड़ा बांधकर गाड़ी चलाते या पैदल चलते नजर आते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब परिसर में कोई मारपीट, आगजनी या पत्थरबाजी की घटना होती है। इसके बाद ऐसे छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ जाती है।
चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह की ओर से हाल ही में जारी एक आदेश इन दिनों खासा चर्चा में है। इसमें विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने का हवाला देते हुए मुंह पर कपड़ा बांधकर और हाथ में डंडा बेत लेकर न चलने को कहा गया है। साथ ही पहचान छुपाने और परिचय पत्र साथ न रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी निर्णय लिया गया है।
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विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्रा अक्सर मुंह पर कपड़ा बांधकर गाड़ी चलाते या पैदल चलते नजर आते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब परिसर में कोई मारपीट, आगजनी या पत्थरबाजी की घटना होती है। इसके बाद ऐसे छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ जाती है।
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चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह की ओर से हाल ही में जारी एक आदेश इन दिनों खासा चर्चा में है। इसमें विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने का हवाला देते हुए मुंह पर कपड़ा बांधकर और हाथ में डंडा बेत लेकर न चलने को कहा गया है। साथ ही पहचान छुपाने और परिचय पत्र साथ न रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी निर्णय लिया गया है।
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