फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   विज्ञान की मदद से हुए क्रांतिकारी परिवर्तन

विज्ञान की मदद से हुए क्रांतिकारी परिवर्तन

Sun, 10 Feb 2019 02:10 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Feb 2019 02:10 AM IST
विज्ञापन
विज्ञान की मदद से हुए क्रांतिकारी परिवर्तन
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू से जुड़े दुनिया भर के पुरातन छात्रों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों में विज्ञान व तकनीक के उपयोग के महत्व को बताया। स्वच्छ भारत मिशन, ऊर्जा संरक्षण और राशन वितरण प्रणाली में किए गए कामों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा- विज्ञान की मदद से सरकार मानव जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। 15 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झांसी में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का शिलान्यास करेंगे।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री वाराणसी प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को आईआईटी बीएचयू के शताब्दी समारोह में अपनी बात की शुरुआत रामायण के प्रसंग से की। उन्होंने कहा- किसी भी उपकार के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना सनातन धर्म है। 100 वर्षों से आईआईटी बीएचयू के पुरातन छात्र महामना के प्रति इस धर्म का पालन कर रहे हैं। इस दौरान सूचना राज्य मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी, गुजरात के विधायक सुनील ओझा, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, आईजी विजय सिंह मीणा, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, आईआईटी निदेशक प्रो. पीके जैन, डीन प्रो. एके त्रिपाठी और संयोजन समिति के चेयरमैन नितिन मल्होत्रा आदि उपस्थित रहे। समापन के बाद सीएम झांसी के लिए रवाना हुए।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन से हुए बदलाव का जिक्र किया और कहा- साढ़े चार सालों में 9.5 करोड़ परिवारों के लिए शौचालय बनाए गए। उन्होंने कहा कि गोरखपुर सहित पूर्वोत्तर यूपी में अगस्त में इंसेफेलाइटिस से प्रतिवर्ष 700-800 बच्चों की मौत होती थी। प्रदेश में सरकार बनने के बाद पूरे क्षेत्र की जांच में शुद्ध पेयजल और स्वच्छता की कमी इस बीमारी का कारण होने की बात पता चली। मंत्री समूह गठन कर इस क्षेत्र में अभियान चलाया गया और एक साल में परिणाम सामने आए। शौचालय बनने से गांवों में सफाई हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

महामना मदन मोहन मालवीय ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में आजादी की लड़ाई के वक्त भविष्य के भारत पर चिंतन किया। 2022 में देश की हीरक जयंती के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने विजन रखा है। स्कूलों और परिवार में बच्चों को बताने वाली यह बातें भुलाई जा रही हैं। एल्युमिनाई मीट में अगले 100 साल में देश को क्या देना है, इस पर चर्चा होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed