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गलतियां बताएं, हम उन्हें सुधारेंगे : चिदंबरम
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वाराणसी। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का घोषणापत्र तैयार करने के लिए काशी के चुनिंदा लोगों ने खुलकर सुझाव दिए। गंगा की निर्मलता और अविरलता और काशी की मौलिकता बरकरार रखने के अलावा बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर भी नए ढंग से सुझाव आए। छोटे व्यापारियों ने जहां जीएसटी में सुधार करने और एक कर लगाने की बात कही तो बिल्डर्स ने एक समान आवासीय नीति की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने पेंशन को बहाल करने की मांग पर जोर दिया। दो घंटे के विचार-विमर्श मे सामने आए खास बिंदुओं को पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने नोट किया और कई पर सहमति जताई।
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष चिदंबरम शनिवार को मोती झील स्थित अजमतगढ़ पैलेस में जन संवाद की अध्यक्षता कर रहे थे। शुरुआत में ही चिदंबरम ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यह कांग्रेस की सभा है, भाजपा की नहीं। आप वही कहिए, जो कांग्रेस और खुद के लिए आप चाहते हैं। हमारी गलतियां बताएं, हम उन्हें सुधारेंगे। आप जो भी कहेंगे, उसकी हर खास बात को मैं लिखूंगा।
इसके बाद संकट मोचन के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि मां गंगा की हालत बदतर हो गई है। वर्तमान सरकार जनता के मन की बात नहीं सुनती है। बिल्डर दीपक बहल, आकाश, संदीप वाही एवं अनुज डिडवानिया ने एफोर्डेबल हाउसिंग के लिए यूनिफार्म पॉलिसी बनाने की वकालत की। बीएचयू के रिटायर्ड प्रो. विश्वनाथ पांडेय ने विश्वविद्यालयों को राजनीति का केंद्र न बनाने और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मान देने की बात कही। उद्यमी अशोक गुप्ता ने चीनी उत्पादों पर रोक लगाने और कु टीर उद्योगों को संजीवनी देने की बात कही। सोनभद्र से आई ग्राम प्रधान रेनू गौतम ने मनरेगा मजदूरों का मसला उठाते हुए सलाह दी कि मजदूरों को 100 दिन का काम मिलता है। उसे कृषि से जोड़ कर 365 दिन किया जाए।
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टीईटी के अभ्यर्थी पंकज पांडेय ने 2011 से लटकी नियुक्ति का मसला उठाया। कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। कांग्रेस हमारे साथ जो सात साल में अन्याय हुआ वह दूर कर नौकरी दें। युवा सतीश मिश्र ने एजुकेशन लोन का मुद्दा उठाते हुए इसकी प्रक्रिया और सरल करने की मांग की। मड़िहान (मिर्जापुर) से आए शोध छात्र सुरेंद्र मोहन ने शोध छात्रों को मिलने वाली फेलोशिप को नियमित करने के साथ ही उसमें वृद्धि करने का सुझाव दिया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता भुवनेश्वर द्विवेदी ने मध्यम वर्ग के लिए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य का पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी। साथ ही आईआईटी, मैनेजमेंट और एमबीबीएस की फीस में कटौती करने की मांग की। काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष रहे प्रो. अनिल कुमार उपाध्याय ने सभी विश्वविद्यालयों को एक श्रेणी में लाने, सभी शिक्षकों को समान सुविधा प्रदान करने का सुझाव दिया। सामाजिक कार्यकर्ता जागृति राही ने स्वास्थ्य व कुपोषण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि, खादी संस्थाओं के संरक्षण, गांधी विद्या संस्थान की पुनर्स्थापना की मांग की। किसान नेता विनय कुमार राय मुन्ना ने कहा कि कांग्रेस ऐसी व्यवस्था करे कि भूमि अधिग्रहण सहित किसान हित की सभी योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो। हाजी बदरुद्दीन अंसारी ने सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग की।
अटेवा पेंशन बचाओ मंच की ओर से जिला संयोजक विनोद यादव, प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु आदि ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को संबोधित ज्ञापन पी चिदंबरम को सौंपा। उन्होंने एनपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग की। कहा कि एक जनवरी 2004 से केंद्र व उत्तर प्रदेश में जनवरी 2005 के बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद से पुरानी पेंशन व्यस्था समाप्त कर दी गई।
इस दौरान स्वागत वीणा गुप्ता, मंच संचालन गौरव कपूर ने किया। मौके पर पूर्व सांसद राजेश मिश्र, पूर्व विधायक अजय राय, पूर्व विधायत ललितेश पति त्रिपाठी, पं. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एके मिश्रा और प्रमुखता से मौजूद रहे।
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लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष चिदंबरम शनिवार को मोती झील स्थित अजमतगढ़ पैलेस में जन संवाद की अध्यक्षता कर रहे थे। शुरुआत में ही चिदंबरम ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यह कांग्रेस की सभा है, भाजपा की नहीं। आप वही कहिए, जो कांग्रेस और खुद के लिए आप चाहते हैं। हमारी गलतियां बताएं, हम उन्हें सुधारेंगे। आप जो भी कहेंगे, उसकी हर खास बात को मैं लिखूंगा।
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इसके बाद संकट मोचन के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि मां गंगा की हालत बदतर हो गई है। वर्तमान सरकार जनता के मन की बात नहीं सुनती है। बिल्डर दीपक बहल, आकाश, संदीप वाही एवं अनुज डिडवानिया ने एफोर्डेबल हाउसिंग के लिए यूनिफार्म पॉलिसी बनाने की वकालत की। बीएचयू के रिटायर्ड प्रो. विश्वनाथ पांडेय ने विश्वविद्यालयों को राजनीति का केंद्र न बनाने और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मान देने की बात कही। उद्यमी अशोक गुप्ता ने चीनी उत्पादों पर रोक लगाने और कु टीर उद्योगों को संजीवनी देने की बात कही। सोनभद्र से आई ग्राम प्रधान रेनू गौतम ने मनरेगा मजदूरों का मसला उठाते हुए सलाह दी कि मजदूरों को 100 दिन का काम मिलता है। उसे कृषि से जोड़ कर 365 दिन किया जाए।
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टीईटी के अभ्यर्थी पंकज पांडेय ने 2011 से लटकी नियुक्ति का मसला उठाया। कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। कांग्रेस हमारे साथ जो सात साल में अन्याय हुआ वह दूर कर नौकरी दें। युवा सतीश मिश्र ने एजुकेशन लोन का मुद्दा उठाते हुए इसकी प्रक्रिया और सरल करने की मांग की। मड़िहान (मिर्जापुर) से आए शोध छात्र सुरेंद्र मोहन ने शोध छात्रों को मिलने वाली फेलोशिप को नियमित करने के साथ ही उसमें वृद्धि करने का सुझाव दिया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता भुवनेश्वर द्विवेदी ने मध्यम वर्ग के लिए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य का पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी। साथ ही आईआईटी, मैनेजमेंट और एमबीबीएस की फीस में कटौती करने की मांग की। काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष रहे प्रो. अनिल कुमार उपाध्याय ने सभी विश्वविद्यालयों को एक श्रेणी में लाने, सभी शिक्षकों को समान सुविधा प्रदान करने का सुझाव दिया। सामाजिक कार्यकर्ता जागृति राही ने स्वास्थ्य व कुपोषण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि, खादी संस्थाओं के संरक्षण, गांधी विद्या संस्थान की पुनर्स्थापना की मांग की। किसान नेता विनय कुमार राय मुन्ना ने कहा कि कांग्रेस ऐसी व्यवस्था करे कि भूमि अधिग्रहण सहित किसान हित की सभी योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो। हाजी बदरुद्दीन अंसारी ने सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग की।
अटेवा पेंशन बचाओ मंच की ओर से जिला संयोजक विनोद यादव, प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु आदि ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को संबोधित ज्ञापन पी चिदंबरम को सौंपा। उन्होंने एनपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग की। कहा कि एक जनवरी 2004 से केंद्र व उत्तर प्रदेश में जनवरी 2005 के बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद से पुरानी पेंशन व्यस्था समाप्त कर दी गई।
इस दौरान स्वागत वीणा गुप्ता, मंच संचालन गौरव कपूर ने किया। मौके पर पूर्व सांसद राजेश मिश्र, पूर्व विधायक अजय राय, पूर्व विधायत ललितेश पति त्रिपाठी, पं. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एके मिश्रा और प्रमुखता से मौजूद रहे।