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पहले जनता सरकार के पीछे थी, अब सरकार जनता के पीछे
Updated Sun, 18 Nov 2018 01:55 AM IST
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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा की कमल संदेश बाइक रैली को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पूर्व विश्वविद्यालय में हुई सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जनता सरकार के पीछे होती थी लेकिन हालात बदल चुके हैं और अब सरकार जनता के पीछे है। दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र सरकार की ओर से कराए गए विकास कार्यों के बल पर हम 2019 के लोकसभा चुनाव में अधिक सीटों के साथ पुन: सत्ता में लौटेंगे।
मिशन 2019 के लिए बिगुल फूंकते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की सरकार ने देश-दुनिया में अलग पहचान बनाई है। इस संदेश को 2019 लोकसभा चुनाव की दृष्टि से आमजन तक पहुंचाने में रैली अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनाव कार्य में लगने का आह्वान किया। कार्यकर्ताओं को उत्साहित करते हुए कहा कि पांच राज्यों में इस समय चुनाव चल रहे हैं, रैली का संदेश वहां भी पहुंचना चाहिए। रैली को रवाना करने के बाद सीएम ने भाजपा का झंडा थामा और 15 मिनट तक लहराते रहे। मुख्यमंत्री को बाइक रैली में शामिल होना था। उनके लिए भगवा रंग की बाइक तैयार की गई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से शामिल नहीं हुए। रैली रवाना करने के बाद मुख्यमंत्री गोरखपुर रवाना हो गए।
रैली का नेतृत्व करने के लिए 16 बुलेट मोटर साइकिल की व्यवस्था की गई थी। इन पर सवार कोई कार्यकर्ता कोई केसरिया पगड़ी तो कोई भाजपा की टोपी लगाए था। केसरिया दुपट्टा सभी के गले में था। रैली संपूर्णानंद से लहुराबीर, मलदहिया, सिगरा, तिलक प्रतिमा, नगर निगम, साजन तिराहा, भारत माता मंदिर, इंग्लिशिया लाइन, तेलियाबाग, अंधरापुल, नदेसर कचहरी होते हुए जिला मुख्यालय पर समाप्त हुई। रैली में शामिल उत्साही पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता ‘जय श्रीराम’ ‘रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे’ नारे लगा रहे थे।
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हेलमेट पहनने की अपील, ट्रिपलिंग पर डांटा
मुख्यमंत्री ने रैली में शामिल कार्यकर्ताओं से अनुशासित तरीके से चलने के लिए और हेलमेट पहनने की अपील की। कहा, रैली में धक्का-मुक्की नहीं होनी चाहिए। इसी दौरान सीएम ने एक ही बाइक पर तीन कार्यकर्ताओं के बैठने पर डांटा। इसके बाद कार्यकर्ताओं को दूसरी बाइक पर बैठवाया। सीएम की अपील के बावजूद सैकड़ों कार्यकर्ता हेलमेट के बगैर दिखे। मौके पर मौजूद पुलिस कार्यकर्ताओं का मुंह देखती रही।
सेल्फी के चक्कर में बल्ली टूटी, शहर में जाम लगा
बाइक रैली के दौरान मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में खूब धक्कामुक्की हुई। इस दौरान बल्ली टूट गई। भीड़ को देखते हुए पुलिस और मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे जवानों ने घेरा बना लिया। दूसरी ओर रैली के चलते शहर के कई हिस्सों में एक घंटे तक जाम लगा रहा। जिन इलाकों से बाइक रैली गुजरी उन इलाकों काफी देर तक आवाजाही प्रभावित हुई। हालांकि कुछ इलाकों में रैली के दौरान यातायात सामान्य रहा।
रैली में इनकी रही खास भागीदारी
कार्यक्रम में महापौर मृदुला जायसवाल, राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक रवींद्र जायसवाल, सौरभ श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, जयनाथ मिश्र, प्रभात सिंह, सोमनाथ विश्वकर्मा, राकेश शर्मा, सत्य प्रकाश, रजनीश, धर्मेंद्र सिंह, नवरतन राठी, अशोक पांडेय, अशोक चौरसिया, अशोक तिवारी, देवानंद सिंह, ज्ञानेश जोशी, सुधीर मिश्रा आदि शामिल रहे। महिला मोर्चा की कुसुम पटेल, अल्पसंख्यक के हैदर अब्बास के नेतृत्व में भी कार्यकर्ता आए।
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मिशन 2019 के लिए बिगुल फूंकते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की सरकार ने देश-दुनिया में अलग पहचान बनाई है। इस संदेश को 2019 लोकसभा चुनाव की दृष्टि से आमजन तक पहुंचाने में रैली अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनाव कार्य में लगने का आह्वान किया। कार्यकर्ताओं को उत्साहित करते हुए कहा कि पांच राज्यों में इस समय चुनाव चल रहे हैं, रैली का संदेश वहां भी पहुंचना चाहिए। रैली को रवाना करने के बाद सीएम ने भाजपा का झंडा थामा और 15 मिनट तक लहराते रहे। मुख्यमंत्री को बाइक रैली में शामिल होना था। उनके लिए भगवा रंग की बाइक तैयार की गई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से शामिल नहीं हुए। रैली रवाना करने के बाद मुख्यमंत्री गोरखपुर रवाना हो गए।
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रैली का नेतृत्व करने के लिए 16 बुलेट मोटर साइकिल की व्यवस्था की गई थी। इन पर सवार कोई कार्यकर्ता कोई केसरिया पगड़ी तो कोई भाजपा की टोपी लगाए था। केसरिया दुपट्टा सभी के गले में था। रैली संपूर्णानंद से लहुराबीर, मलदहिया, सिगरा, तिलक प्रतिमा, नगर निगम, साजन तिराहा, भारत माता मंदिर, इंग्लिशिया लाइन, तेलियाबाग, अंधरापुल, नदेसर कचहरी होते हुए जिला मुख्यालय पर समाप्त हुई। रैली में शामिल उत्साही पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता ‘जय श्रीराम’ ‘रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे’ नारे लगा रहे थे।
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हेलमेट पहनने की अपील, ट्रिपलिंग पर डांटा
मुख्यमंत्री ने रैली में शामिल कार्यकर्ताओं से अनुशासित तरीके से चलने के लिए और हेलमेट पहनने की अपील की। कहा, रैली में धक्का-मुक्की नहीं होनी चाहिए। इसी दौरान सीएम ने एक ही बाइक पर तीन कार्यकर्ताओं के बैठने पर डांटा। इसके बाद कार्यकर्ताओं को दूसरी बाइक पर बैठवाया। सीएम की अपील के बावजूद सैकड़ों कार्यकर्ता हेलमेट के बगैर दिखे। मौके पर मौजूद पुलिस कार्यकर्ताओं का मुंह देखती रही।
सेल्फी के चक्कर में बल्ली टूटी, शहर में जाम लगा
बाइक रैली के दौरान मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में खूब धक्कामुक्की हुई। इस दौरान बल्ली टूट गई। भीड़ को देखते हुए पुलिस और मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे जवानों ने घेरा बना लिया। दूसरी ओर रैली के चलते शहर के कई हिस्सों में एक घंटे तक जाम लगा रहा। जिन इलाकों से बाइक रैली गुजरी उन इलाकों काफी देर तक आवाजाही प्रभावित हुई। हालांकि कुछ इलाकों में रैली के दौरान यातायात सामान्य रहा।
रैली में इनकी रही खास भागीदारी
कार्यक्रम में महापौर मृदुला जायसवाल, राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक रवींद्र जायसवाल, सौरभ श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, जयनाथ मिश्र, प्रभात सिंह, सोमनाथ विश्वकर्मा, राकेश शर्मा, सत्य प्रकाश, रजनीश, धर्मेंद्र सिंह, नवरतन राठी, अशोक पांडेय, अशोक चौरसिया, अशोक तिवारी, देवानंद सिंह, ज्ञानेश जोशी, सुधीर मिश्रा आदि शामिल रहे। महिला मोर्चा की कुसुम पटेल, अल्पसंख्यक के हैदर अब्बास के नेतृत्व में भी कार्यकर्ता आए।